Home / अजब गजब / देहरादून के प्रकृति प्रेमी महेश चंद्र के संघर्ष और जज़्बे से आजाद हुए देश भर के पेड़, ट्री गार्ड की कैद से मिली आज़ादी

देहरादून के प्रकृति प्रेमी महेश चंद्र के संघर्ष और जज़्बे से आजाद हुए देश भर के पेड़, ट्री गार्ड की कैद से मिली आज़ादी

सड़कों और पार्कों के किनारे पौधों की सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री गार्ड ही उनके आकार को खराब कर रहे हैं। इतना ही नहीं इससे कई पौधों की बनावट तक बिगड़ गई है। पेड़ों को कैद करने से उनका विकास नहीं हो पाता। इस कारण पौधों की खूबसूरती पर ग्रहण लगता है। देहरादून के प्रकृति प्रेमी रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर महेश चंद्र ने पेड़ों की इस पीड़ा को न सिर्फ महसूस किया।

आपको बता दें कि देहरादून में तमाम स्थानों पर ट्री गार्ड में जकड़े पेड़ों को देख रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर महेश चंद्र से रह नही गया। उन्होंने पेड़ों को आजादी दिलाने का संकल्प लिया। उन्होंने सबसे पहले मुख्य सचिव और राज्यपाल को इस बाबत कार्रवाई करने की अपील करते हुए पत्र लिखा लेकिन दोनों जगह उनकी बात नहीं बनी। कोई कार्रवाई नही होने पर भी महेश अपने संकल्प पर अड़े रहे। उन्होंने पेड़ो को आज़ाद कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में यह मसला रखने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने इसी साल जुलाई में पीएमओ को पत्र भेजा।

महेश ने पीएमओ को भेजे पत्र में लिखा कि देहरादून में 15-20 साल पहले शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रोपे गए पौधों की सुरक्षा के लिए उन पर ट्री गार्ड लगाए गए। अब ये पौधे युवा पेड़ बन चुके हैं, लेकिन इनसे ट्री गार्ड नहीं हटाए गए। इनमें से ज्यादातर ट्री गार्ड पेड़ों के मुख्य तनों में बेड़ि‍यों की तरह फंस गए हैं। पेड़ों के बेहतर विकास के लिए इन्हें हटाया जाना चाहिए। नतीजतन केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में तो इस पर अमल भी शुरू हो गया है।