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सेल्फी के क्रेजी में पत्नी बह गई हलाली डैम की नदी में ,पति चाह कर भी कुछ ना कर सकता

आज हम आपको एक ऐसी कहानी सुनाने वाले हैं जिसे सुनने के बाद आपका दिल भी दहल उठेगा। आज से लगभग कुछ साल पहले की बात है कि लोग बातचीत करने के लिए टेलीफोन का इस्तेमाल किया करते थे जिसके कारण वह अपने बहुत ज्यादा दूर रहने वाली सगे संबंधियों से बातचीत कर पाते थे और अपने हाल चाल सुना पाते थे जैसे जैसे इंसान की जरूरत है बढ़ती गई वैसे वैसे नए नए अविष्कार होते गए सबूतों के हिसाब से और उसी में से सबसे बड़े अविष्कारों में से एक है मोबाइल फोन हम अपने पॉकेट में रखकर कहीं भी ले जा सकते हैं और फोन पर किसी से भी बातचीत कर सकते हैं इसके अलावा आपको उसमें एंटरटेनमेंट के पूरे फीचर मौजूद है मोबाइल फोन के इन्वेंशन के बाद से इंसान की कई चीजें आसान हो गई और उसे आगे बढ़ने में बहुत ज्यादा मदद मिली पहले हम स्मार्टफोन से वीडियो देखते थे और फोटो निकालते थे लेकिन जैसे-जैसे मोबाइल फोन की जनरेशन आगे बढ़ती रही तो मोबाइल फोन के कैमरे भी उतने अच्छे आने लगे और उसकी क्वालिटी भी बहुत ही बेहतरीन होने लगी आज के दिन में फोन में सेल्फी लेना जैसे एक नया फैशन बन गया है इसके लिए काफी उत्साहित भी रहते हैं जब देखो कहीं पर भी शुरू हो जाते हैं सेल्फी लेने के लिए और उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डाल कर मशहूर होना चाहते हैं आज हम आपको एक ऐसा ही किस्से सुनाने वाले हैं जिसमें सेल्फी लेते वक्त एक महिला की जान चली गई।

एक सेल्फी ने पति से छीन ली उसकी पत्नी

आपने ऐसे अपने जीवन में बहुत से किस्से सुने होंगे जिसमें सेल्फी लेते हुए इंसान का ध्यान थोड़ा भटक जाता है जिसके कारण उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है आज हम आपको ऐसे ही एक किस्सा सुनाने वाले हैं जिसे सुनकर आपको भी उस पर यकीन नहीं होगा।

भोपाल के कोलार में रहने वाले जाने-माने डॉक्टर उत्कर्ष मिश्रा अपनी पत्नी हिमानी मिश्रा के साथ भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर सैर सपाटा करने के लिए हलाली डैम आए थे रविवार को छुट्टी होने की वजह से भोपाल से बहुत से परिवार जन यहां पर घूमने आते हैं और अपनी रविवार को यादगार बनाते हैं डॉक्टर उत्कर्ष मिश्रा की पत्नी को बहुत पहले से ही सेल्फी लेने का क्रेज था वह हर एक खुशी के पल को कैमरे में कैद करना चाहती थी ताकि उन्हें जीवन भर उसकी याद रहे उस दिन वह ऐसा ही बैंक के पास सेल्फी लेने लगी तभी उनका बैलेंस बिगड़ गया और वहां लगभग 10 से 15 सीट नीचे पानी में जा गिरी पानी का बहाव इतना तेज था कि वह पानी में ही रह गई डॉ मिश्रा अपनी पत्नी को बहते हुए देख रहे थे लेकिन हालात के चलते वह कुछ नहीं कर पा रहे थे वह बिल्कुल बेबस थे हालात के चलते उनकी पत्नी धीरे-धीरे उनके आंखों से ओझल होते रहे और वह कुछ ना कर सके।

यह घटना घटने के तुरंत बाद ही वहां पर बचाव दल की टीम पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया ऑपरेशन लगभग पूरी रात चला लेकिन हाथ केवल असफलता लगी और निराशा बॉडी को ढूंढा नहीं जा सका लेकिन सोमवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत करी गई लेकिन इस बार भी राहत बचाव दल को कुछ हाथ नहीं लगा और महिला का अभी तक कुछ सुराग नहीं मिल सकता है महिला के बचने की उम्मीद तो मानो खत्म सी हो गई है।