उत्तराखंड ने सभी राज्यों को छोड़ा पीछे, कानून व्यवस्था में पहला व शिक्षा गुणवत्ता में पाया चौथा नंबर, रिपोर्ट से खुलासा

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उत्तराखंड ने देश के बड़े-बड़े राज्यों को शिक्षा गुणवत्ता हो या कानून व्यवस्था हर क्षेत्र में पीछे छोड़ दिया है। आंकड़ों के अनुसार राज्य में विकास भी तेजी से हो रहा है। पर्यावरणीय बंदिशों के बावजूद विकास की दिशा में राज्य के कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। परिणामस्वरूप सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडेक्स में राज्य तीसरा स्थान हासिल कर फ्रंट रनर राज्यों में शामिल हो गया है। ऊर्जा, शिक्षा की गुणवत्ता के साथ ही शांति, न्याय और संस्थाओं की मजबूती में राज्य ने अच्छा प्रदर्शन किया है।और कानून व्यवस्था के मामले में पहला नंबर प्राप्त किया है। शिक्षा गुणवत्ता में चौथा नंबर प्राप्त किया है। ये हम नहीं कह रहे है ये खुलासा नीति आयोग के सतत् विकास लक्ष्य भारत सूचकांक 2020-21  के आंकड़ों से हुआ है।

नीती आयोग ने एसडीजी इंडेक्स का तीसरा संस्करण जारी किया है। उसमें केरल 80 अंकों के साथ पहले और उत्तराखंड 70 अंकों के साथ देश में चौथे स्थान पर है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने इसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि आगे प्रयास किया जाएगा कि उत्तराखंड पहले स्थान पर आए। आपको बता दें कि दुनिया के देशों के लिए यूएन की ओर से तय एसडीजी रैंकिंग को लेकर नीति आयोग ने जो रिपोर्ट जारी की है उसमें देश भर में शैक्षिक गुणवत्ता के मामले में केरल 100 में से 80 अंकों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि 74 अंकों के साथ हिमाचल दूसरे और 71 अंकों के साथ गोवा तीसरे स्थान पर है। बिहार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। 29 अंकों के साथ वह अंतिम नंबर पर है।

वहीं एसडीजी रिपोर्ट के शीर्षक 16- में कानून एवं शान्ति व्यवस्था, न्याय एवं सुदृढ़ संस्थानों के विकास को महत्व दिया गया है। इसका आंकलन 08 बिन्दुओं के मापदण्ड के आधार पर किया गया है। जिसमें उत्तराखंड पुलिस ने बेहतरीन कार्य किया है।रिपोर्ट के सभी बिन्दुओं पर बेहतरीन कार्य करते हुए उत्तराखण्ड ने 86 अंकों के साथ इस श्रेणी में शीर्ष स्थान पर अपनी जगह बनाई है। गुजरात दूसरे और मिजोरम तीसरे स्थान पर हैं।

गौरतलब है कि नीति आयोग एसडीजी इंडिया इंडेक्स में राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण के क्षेत्र में प्रगति को मापता है और इसी के आधार उनका आंकलन करता है। उत्तराखंड को सभी श्रेणियों को सम्मिलित करते हुऐ देश में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान मिला है। इस सम्मान से न केवल उत्तराखंड पुलिस, अपितु उत्तराखंड शासन के सभी विभागों का मनोबल बढ़ा है।

 

 

 

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