सभी टूरिस्ट स्पाट्स उत्तराखंड के नए साल के लिए फुल..कर्फ्यू नहीं होगा 31 को नाइट को

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उत्तराखंड में नए साल के आगमन को लेकर होटल और रिजोर्ट सैलानियों के लिए सजने लगे हैं। कोरोना काल में यह व्यवसाय जहां लगभग चौपट रहा। अब रौनक बढ़ने की उम्मीदें बनीं हैं। कोरोना काल में सिर्फ अक्तूबर माह में पर्यटकों का सैलाब मसूरी व आसपास के क्षेत्रों में नजर आया था। नए साल के आगमन को लेकर चोपता से लेकर औली तक बुकिंग फुल हो चुकी है। वहीं, पर्यटक नगरी मसूरी में 70 फीसदी तक होटलों में बुकिंग है। अलबत्ता, गढ़वाल मंडल मुख्यालय पौड़ी और खिर्सू में अभी सन्नाटा सा नजर आ रहा है। जीएमवीएन के ज्यादात्तर गेस्ट हाउस कोविड सेंटर होने से वहां बुकिंग नहीं की जा रही है। होटलों में सरकारी गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अब तक 60 से 70 तक बुकिंग हो चुकी है। अब तक अक्तूबर माह में होटलों में बुकिंग की सबसे बेहतर स्थिति रही। तीर्थनगरी ऋषिकेश में नए साल का जश्न पर धमाल रहेगा। मुनिकीरेती, तपोवन, शिवपुरी क्षेत्र में होटल और रेस्टोरेंट अभी से पैक हो चुके हैं। ग्रेटर ऋषिकेश होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय बिष्ट ने बताया कि पूरे क्षेत्र में न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए 90 प्रतिशत बुकिंग हो चुकी है। पौड़ी मुख्यालय में ही छोटे बड़े करीब तीन दर्जन होटल हैं, लेकिन अभी तक न्यू ईयर बुकिंग के नाम पर होटल व्यवसाय के हाथ निराशा ही लगी है। यही हाल खिर्सू के टीआरएच के भी है। खिर्सू में दो जनवरी से तीन दिन की बुकिंग हैं।

बुगोली में एक टन का विकास और चमोली के वैकेशन स्पॉट अभी शुरू हुए हैं। चोपता से औली तक, जो कोरोना काल में खो गया है, नए साल के लिए आवासों और रिसॉर्ट्स में पूर्ण जलाशय किया गया है। कुछ दर्शनार्थी जोशीमठ में बने हुए हैं। एक होटल प्रमुख नागेंद्र सकलानी ने कहा कि औली जीएमवीएन से हर निजी रिट्रीट और टेंट बस्तियां अतिरिक्त रूप से भरी हुई हैं। वर्ष के संबंध में, नई टिहरी में लॉजिंग की बुकिंग सामान्य है, हालांकि अब तक लगभग 80% बुकिंग धनोल्टी और कनाटल क्षेत्र के सराय और रिसॉर्ट्स में की गई है।

20 दिसंबर से धनोल्टी और कनाताल क्षेत्र में बुकिंग शुरू हुई। टिहरी में कोटि झील में नाव संघ से संबंधित युवाओं ने नए साल के उत्सव के लिए प्रदर्शन करने के लिए विशेषज्ञों का स्वागत किया। थर्टी फर्स्ट पर सुबह 8 से 10 बजे तक समय सीमा लागू करने का मौका अब एक निष्कर्ष पर पहुंच गया है। समय सीमा के संबंध में सार्वजनिक प्राधिकरण द्वारा अब तक कोई नियम नहीं दिए गए हैं। विनियामक प्राधिकरण वैसे ही अभी इस तरह की संभावनाओं से इनकार कर रहे हैं।

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