एक ऑटो वाले का बेटा बना आर्मी अफसर..देहरादून IMA पासिंग आउट………

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कहते हैं जब इरादे बुलंद हों तो कोई भी मुश्किल आपको सफल होने से रोक नहीं सकती। छत्तीसगढ़ के रहने वाले सैन्य अफसर अभिषेक सिंह ने इस बात को सच कर दिखाया है। शनिवार को देहरादून स्थित आईएमए में हुई पासिंग आउट परेड में जिन जेंटलमैन कैडेट्स ने देशसेवा की शपथ ली, उनमें अभिषेक सिंह भी शामिल रहे। अंतिम पग पार करते ही अभिषेक सिंह भारतीय सेना का अभिन्न अंग बन गए। छत्तीसगढ़ के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले अभिषेक सिंह के अफसर बनने की कहानी बेहद दिलचस्प है। अभिषेक का परिवार भिलाई के खुर्सीपार जोन-2 में रहता है। उनके पिता ऑटो चलाते थे, ऐसे में बचपन में वो स्कूल की फीस भी बमुश्किल दे पाते थे।

स्कूल जाने के लिए अभिषेक घर से 5 किलोमीटर दूर साइकिल चलाकर जाते थे। अभिषेक में सेना में भर्ती होने का जुनून था। उनके माता-पिता भी यही चाहते थे। कुछ समय बाद अभिषेक सिपाही के तौर पर आर्मी में भर्ती हो गए। साथ ही अफसर बनने के लिए मेहनत भी करते रहे। आज आखिरकार उनका और उनके माता-पिता का सपना पूरा हो गया, हालांकि बेटे को अफसर बनते देखने के लिए आज उनकी मां साथ में नहीं थीं।

अभिषेक के अधिकारी बनने से पहले ही उनकी माँ गुजर गईं। अभिषेक के पिता उमेश सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 में, वह एक योद्धा के रूप में भारतीय सेना में शामिल हो गए। इसके साथ ही, उन्होंने अतिरिक्त रूप से एक अधिकारी के रूप में जाने का प्रयास किया। अभिषेक को अप्रत्याशित रूप से नहीं चुना गया था, फिर भी उसने आत्मसमर्पण नहीं किया। 2017 में उसके बाद नीचे गिर गया। उस समय उन्हें भारतीय सैन्य अकादमी में चुना गया था। जिस समय अभिषेक 5 वर्ष के थे, उनकी माँ की मृत्यु हो गई। जिसके बाद पिता ने भी माँ के दायित्व को निभाया। अभिषेक का बेहतर आधा मनीषा सिंह इसी तरह एक अन्य अधिकारी में बदल जाने से प्रसन्न है। 12 दिसंबर का दिन उनके और अभिषेक के लिए दुगुनी संतुष्टि लाता है। आज, अभिषेक की शादी की बधाई अतिरिक्त रूप से है, और इस दिन वह एक अधिकारी के रूप में भारतीय सेना में शामिल हुए। एक अधिकारी के रूप में बदलने के मद्देनजर, वह पठानकोट में काम करेंगे।

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