दो युवक उत्तराखंड पहुंचे 6000000 ………….. लेकर लेकिन नजरों से नहीं बच सके

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बुधवार देर शाम पु”लि”स मानपुर पुल, आर्मी कैंटीन के पास चेकिंग अभियान चला रही थी। तभी वहां से दो बाइकसवार युवक गुजरे। दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था। पु”लि”’स ने युवकों को रुकने का इशारा किया तो युवक भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन कोशिश कामयाब नहीं हुई। ‘पु”लि”स” ने दोनों युवकों को प’क”ड़’ लिया। त’ला”शी लेने पर युव’कों’ के पास से डेढ़ किलो च”र”स और स्मै”क”’ की डेढ़ हजार पुड़िया बरामद हुईं। पकड़े गए युवकों की पहचान सागर सिंह और वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। दोनों यूपी के बिजनौर के रहने वाले हैं।

सागर पीपला गांव में रहता है। वो मीट विक्रेता है, उसकी मानपुर में दुकान है। वहीं दूसरे आरोपी वीरेंद्र के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस के दो मा”म”ले” द”र्ज” हैं। पु”लि”स” पूछताछ में आ”रो”’पि”यों” ने कई चौं”का”ने वाले खु”ला”से किए। उन्होंने बताया कि जिस भी व्यक्ति को च”र’स’ ‘और ”स्मै”क” की सप्लाई करनी होती थी, उसे माल देने के बाद वो अपना मोबाइल सि”म” तोड़ देते थे। पहले वो कम मात्रा में ”स्मै”क”’ और च”र”स” लाते थे, लेकिन इस बार बड़ी खे”प” लेकर पहुंचे थे। सोचा था तगड़ा मुना’फा’ कमाएंगे, लेकिन पु”लि”स” के आगे सारी प्लानिंग फेल हो गई। दोनों आरोपी बरेली से न”शे” की खे”प” लाकर कोटद्वार, बिजनौर, हरिद्वार और ऋषिकेश में सप्लाई करते थे। पु”लि”स’ ने आरो”पि’यों’ के खिलाफ एन’डी’पी’ए”स’ एक्ट के तहत मुक”द”मा” द”र्ज” किया है।

न”शे” में डू”बती देवभूमि

राज्य में श”रा”ब का न”शा सरकारों की राजस्व कमाने की होड़ के कारण तेजी से फैल रहा है. हर वर्ष प्रदेश सरकार द्वारा इससे प्राप्त किए जाने वाले राजस्व के लक्ष्य को बढ़ाने का दबाव जिला प्रशासन पर रहता है.
यह दबाव सरकार की ओर से इतना ज्यादा है कि उत्तराखण्ड के जिन सुदूर क्षेत्रों में बच्चों के पढ़ने के लिए प्राथमिक विद्यालय व लोगों के बीमार पढ़ने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक नहीं हैं, वहॉ प्रदेश की अब तक की सरकारों ने अपनी प्रशासनिक ताकत श”रा”ब पहुँचाने में लगाई है. पिछले कुछ वर्षों में तो जब लोगों ने सुदूर गॉवों में श”रा”ब की दुकानें खोलने का विरोध किया तो जिला प्रशासन ने ऐसे स्थानों में चलती – फिरती गाड़ियों ( मोबाइल वैन ) से तक श”रा”ब” बेची है. एक ओर सरकारें उत्तराखण्ड को हर बात में ” देवभूमि ” कहलाते हुए इतराती हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तराखण्ड को श”रा”ब’ के न”शे” में डू”बो” देने को अपनी पूरी ताकत भी लगा रही हैं. उसका ध्यान लोगों के स्वास्थ्य व शिक्षा की बजाय उन्हें श”रा”ब परोस’ने” पर ”ज्या”दा है.

 

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