देहरादून में गढ़वाल राइफल के जवान की…..

करगिल खबरे शहर

उत्तराखंड के देहरादून जिले के हरबर्टपुर से एक दिल द’ह”ला” देने वाला मा”म”ला” सामने आया है। देहरादून के हरबर्टपुर में सेना के हवलदार की बीते बुधवार की रा”त को सं”दि”ग्ध” ”प’रि’स्थि’ति”यों में” ”मृ”’त्यु”’ हो गई..इसके बाद श’क’ के आधार पर पु”लि””’स ने मृ”त”क” की पत्नी सहित दो व्यक्तियों को हिरा”स”त” में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। कड़ी पूछताछ में मृ”त”क” की प”त्नी” ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। म’हिला ने अपने जिम ट्रेनर प्रे”मी” के साथ मि”ल”क”र” अपने पति को मा”र डा”ला। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक राकेश सिंह नेगी भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स में कार्यरत थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में थी। बताया गया है कि बीते 15 अक्टूबर को राकेश एक महीने की छुट्टियों पर घर आए हुए थे। बीते गुरुवार शाम को राकेश की पत्नी रीमा नेगी ने पु”लि”स को सूचना दी कि उनके पति ने ”फां”सी” ल”गाक’र’ ‘आ”त्म”ह”’त्या कर ली है। घ”ट”’ना की सूचना पर मौके पर पहुंची पु”लि”स’ ने जब मृ”त”क” के श”व” का मुआयना किया तो उन्हें ‘मृ”त””क’ के गले की न”स” क”टी”‌ हु”ई” दि”खा”ई” ‘दी।’ जिस पर पुलिस ने मृ”त”क” की प”त्नी से सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि हव”ल’दार की मौ”त” बुधवार रात 11 बजे के आस”पास ही हो गई थी प”रं”’तु ”उसकी पत्नी ने पु”लि”स”’ को गुरुवार शाम इसी सूचना दी। इतना ही नहीं हवलदार की मौ”त”’ से पहले दोनों पति-पत्नी में किसी बात को लेकर झ”ग”’ड़ा”’ होने की बात भी सामने आई।

सं”दे”’ह के आधार पर, पु”लि”स” ने एक्सपायरी के महत्वपूर्ण अन्य रीमा के साथ किसी और को पकड़ लिया है। प्रतिमा की महत्वपूर्ण अन्य रीमा ने कहा कि वह लंबे समय से अपने बेहतर आधे के साथ बह”स में है। जीवनसाथी ने खु”ला”सा”’ किया कि वह व्यायाम केंद्र में जाती थी, जहां वह आरईसी सेंटर के कोच शिवम मेहरा को देखती थी। जीवनसाथी ने खु”’ला”सा” किया कि उसका बेहतर आधा अक्टूबर में आगे की छुट्टी पर चला गया था, जिसके कारण वे नहीं मिल सके, जिसके कारण दोनों ने ”ह”त्या” की सा”जि”श” र”ची”। 11 नवंबर को, लगभग 9-10 बजे, रीमा नेगी ने पोर्टेबल संदेश पर अपने ब्यावर शिवम मेहरा को घर पर बुलाया। रीमा ने बताया कि वह अपने बेहतर आधे के साथ जूझने लगी और शिवम मेहरा के साथ, एक ते”ज” ब्ले”ड” ”से उसके महत्वपूर्ण दूसरे को घा”य”ल कर दिया जिससे उसकी मौ”के” पर ही मौ”त” हो गई। आ”त्म”ह”त्या’ को एक प्रकार का विना”श” करने के लिए, उसने पेर के हाथ की क”ला”ई को का”ट” दिया और बाद में श”री”र को टखने से टॉ”यले”ट में रख दिया। शिवम मेहरा अपने अभ्यास केंद्र में सुबह 5 बजे शेष समय के लिए एक साथ वापस आ गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.