14 साल में बनकर तैयार हुआ उत्तराखंड का सपनों का पुल : कम हुई टिहरी सफर की दूरी

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टिहरी: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध टिहरी झील पर देश का सबसे बड़ा डोबरा-चांठी मोटरेबल झूला पुल बनकर तैयार हो गया है और बहुत जल्द ही इसका उद्घाटन भी होने वाला है. सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्रताप नगर-लंबगांव क्षेत्र के लोगों को ये सौगात देने की तैयारी त्रिवेंद्र सरकार ने कर रखी है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डोबरा-चांठी पुल के बनकर तैयार होने पर खुशी जाहिर की है.


उन्होंने कहा, ”प्रतापनगर, लंबगांव और धौंतरी के लोगों की पीड़ा को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है. उन लोगों को काफी तकलीफ उठानी पड़ी. लेकिन सरकार ने 440 मीट लंबे इस पुल के निर्माण में आ रही धन की कमी को दूर करते हुए एक साथ ₹88 करोड़ रुपए स्वीकृत किए. पुलिस बनकर तैयार है और अब इसे जल्द ही जनता को समर्पित कर दिया जाएगा.”

पुल का आकर्षण लाजवाब है

डोबरा-चांठी देश का सबसे बड़ा मोटरेबल झूला पुल है जो अपने आप में आकर्षण का एक बड़ा केंद्र है. इस पुल से टिहरी झील की मनोरम छटा देखते ही बनती है. प्रतापनगर, लंबगांव और धौंतरी में रहने वाली करीब 3 लाख से ज्यादा की आबादी को टिहरी जिला मुख्यालय तक आने के लिए पहले 100 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी. इस पुल के शुरू होने के बाद अब यह दूरी घटकर आधी रह जाएगी.

पुल निर्माण में खर्च हुए 3 अरब

डोबरा-चांठी वासियों समस्याओं को देखते हुए त्रिवेंद्र सरकार ने इस पुल को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा. सालों से निर्माणाधीन इस पुल के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने एकमुश्त बजट जारी किया, जिसका परिणाम भी जनता के सामने है. इस पुल की क्षमता 16 टन भार सहन करने की है और उम्र 100 वर्षों तक. इस पुल की कुल चौड़ाई 7 मीटर है, जिसमें मोटर मार्ग की चौड़ाई 5.5 मीटर और फुटपाथ की चौड़ाई 0.75 मीटर है. इसके निर्माण में 3 अरब रुपए खर्च हुए हैं.

वर्ष 2006 में शुरू हुआ था काम

डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण साल 2006 में शुरु हुआ था, लेकिन काम के दौरान कई समस्याएं सामने आने लगीं. गलत डिजायन, कमजोर प्लानिंग और विषम परिस्थितयों के चलते 2010 में इस पुल का काम बंद हो गया था. साल 2010 तक इस पुल के निर्माण पर लगभग 1.35 अरब खर्च हो चुके थे. दोबारा साल 2016 में लोक निर्माण विभाग ने 1.35 अरब की लागत से इस पुल का निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्णय लिया.

यह मिलेगा फायदा

टिहरी बांध प्रभावित प्रतापनगर क्षेत्र को जोड़ने वाले डोबरा-चांठी पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है। इसमें सस्पेंशन ब्रिज 440 मीटर लंबा है, जबकि 260 मीटर आरसीसी डोबरा साइड और 25 मीटर स्टील गार्डर चांठी साइड है। पुल की कुल चौड़ाई सात मीटर है, जिसमें मोटर मार्ग की चौड़ाई साढ़े पांच मीटर है। जबकि, फुटपाथ 0.75 मीटर चौड़ा है। डोबरा चांठी पुल का प्रतापनगर की लगभग दो लाख की आबादी को फायदा मिलेगा। अभी तक नई टिहरी से प्रतापनगर का सफर पांच घंटे का होता है, लेकिन पुल बनने के बाद अब दो घंटे में ही नई टिहरी से प्रताप नगर जा सकेंगे।

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