बुजुर्ग पिता बेटे की तलाश में भटक रहा है दर-दर

खबरे शहर

ऐसी उम्र जिसमें बुजुर्गों को सेवा की जरूरत होती है, देखभाल की जरूरत होती है। उस उम्र में टिहरी गढ़वाल का एक बुजुर्ग अपने 40 साल के बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहा है। जिस परिवार का जवान बेटा बिना किसी से कुछ कहे अचानक लापता हो जाए, उसके दर्द का आप और हम अंदाजा तक नहीं लगा सकते। जो लोग किसी हादसे में अपनी संतान को खो देते हैं, वो किसी तरह अपने दिल पर पत्थर रख खुद को समझा लेते हैं, लेकिन लापता लोगों के परिजन हर दिन अपनों के चले जाने के गम में तिल-तिल मरते हैं। 40 साल के राकेश सिंह थलवाल के परिजन भी इस वक्त ऐसे ही दर्द से गुजर रहे हैं। राकेश को गायब हुए दो महीने हो गए हैं। पिछले कई महीने से उनके बारे में कोई खबर नहीं मिली। राकेश के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, वो भी पिता के आने की राह देख रहे हैं। 40 साल के बेटे की तलाश के लिए बुजुर्ग हुकुम सिंह एक जगह से दूसरी जगह भटक रहे हैं। हुकुम सिंह ने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। राकेश का परिवार प्रतापनगर के कुरान पट्टी गांव में रहता है। हुकुम सिंह बताते हैं कि उनका बेटा लंबगांव बाजार में किरन स्वीट शॉप पर काम करता था। उसे यहां काम करते हुए कई साल हो गए थे।

20 सितंबर, रविवार को, जब बाजार बंद होता है, तो वह लोम्बोन से किसी स्थान पर रवाना हो जाता है। किसी ने बताया कि वह उत्तरकाशी की ओर टहल रहा था। 20 सितंबर के बाद से राकेश की कोई जानकारी नहीं थी। बच्चे की खोज करने के लिए उत्तरकाशी में हुकुम सिंह की मदद करता है, हालाँकि राकेश कहाँ गया, उसका विषय क्या है, इस बिंदु पर नहीं पाया गया है। पुराने डैड सोबिंग ने मीडिया के लोगों से मदद के लिए तर्क दिया है। उन्होंने कहा कि मेरे युवा को खोजने में मेरी सहायता करें। हुकुम सिंह ने अतिरिक्त रूप से बताया कि राकेश की मन: स्थिति ठीक नहीं है। उसके पास घर पर दो निर्दोष युवा हैं। राकेश को खोजने में मदद करने के लिए राज्य ऑडिट के माध्यम से हम आपसे अपील करते हैं। इस घटना में कि राकेश थलवाल के पास किसी के पास कोई भी डेटा है, हमसे संपर्क करें या निकटतम पुलिस मुख्यालय को शिक्षित करें। आपकी सहायता से, एक परिवार की खोई हुई खुशी वापस आ सकती है। इसलिए इस खबर को अधिक से अधिक शेयर करें क्योंकि राकेश को मिले लक्ष्य से काफी उम्मीद की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.