गढ़वाल में अब एकजुट हुए 70 ग्राम पंचायतों के लोग..19 Km लंबी ह्यूमन चेन बनाकर ……….

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विरोध का अपना एक इतिहास है। मानव सभ्यता की शुरुआत के साथ, मनुष्य एक मुद्दे पर अपनी असहमति व्यक्त करने के लिए विरोध का सहारा लेते रहे हैं। कई बार, मामूली विरोध भी बाद में बड़ी क्रांति के सूत्रधार बन गए। ऐसे ही एक अनोखे विरोध की तस्वीरें चमोली के कर्णप्रयाग ब्लॉक से आई हैं। यहां, ग्रामीणों ने सड़क के चौड़ीकरण की मांग के लिए 19 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई और सरकार के सामने अपनी मांग रखी। रविवार को घाट और कर्णप्रयाग ब्लॉक की 70 ग्राम पंचायतों के 7000 से अधिक ग्रामीणों ने एकजुट होकर दो गज के नियम के साथ घाट बाजार से नंदप्रयाग बाजार तक मानव श्रृंखला बनाई। इस तरह सड़क जाम हो जाने के कारण हजारों लोग सड़क पर जमा हो गए। भीड़ को संभालने में पुलिस के भी पसीने छूट गए। आइए अब हम ग्रामीणों की मांग के बारे में जानते हैं। गोपेश्वर में नंदप्रयाग से घाट तक 19 किमी लंबी सड़क है। ग्रामीण इस सड़क के डेढ़ लेन चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण पिछले एक महीने से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांग नहीं सुन रही है।

गोपेश्वर-नंदप्रयाग-घाट मार्ग का निर्माण वर्ष 1962 में हुआ था। यह सड़क घाट ब्लॉक के 55 और कर्णप्रयाग के 15 ग्राम पंचायतों को आपस में जोड़ती है। इस मार्ग को ही ग्रामीण डेढ़ लेन तक चौड़ा करने की मांग कर रहे हैं। रविवार को क्षेत्र के घाट, कमेड़ा, कांडई पुल, जाखणी, सेतोली, मंगरौली, घिंघराण और नंदप्रयाग समेत क्षेत्र के 70 गांवों के ग्रामीण अपने-अपने क्षेत्र से वाहनों से घाट और नंदप्रयाग में इकट्ठा हुए, और दोनों जगहों से दो गज की दूरी बनाकर मानव श्रृंखला बनाई गई। ग्रामीणों ने कहा कि दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री ने सड़क को डेढ़ लेन चौड़ीकरण में तब्दील करने की घोषणा की थी, लेकिन इस दिशा में अब तक काम नहीं हुआ। सरकार की वादाखिलाफी से ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्द मांग न मानी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सरकार की ओर से सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन स्थगित किया जाएगा।

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