देवभूमि की दो बेटियों ने रचा इतिहास..इंडियन आर्मी के पहले मिलिट्री पुलिस दस्ते में हुई शामिल

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उत्तराखंड की देवभूमि कई लोगों की कर्मभूमि भी है। भारतीय सेना और उत्तराखंड का नाता अटूट है और सालों से चलता आ रहा है। उत्तराखंड के हर एक परिवार से कोई न कोई भारतीय सेना में शामिल होता है और देवभूमि की शान बढ़ाता है। प्रदेश के बेटों के साथ ही बेटियां भी भारतीय सेना में शामिल हो रही हैं और यह साबित कर रही हैं कि वे किसी से भी कम नहीं हैं। यह देखना बेहद सुखद है कि देवभूमि की बेटियां आगे आ रही हैं और अपनी मेहनत एवं लगन के बलबूते पर भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इसी कड़ी में अपना नाम जोड़ा है उत्तराखंड की चार बेटियों ने। उन्होंने भारतीय सेना में शामिल होकर उत्तराखंड का नाम रौशन कर दिया है। भारतीय सेना में शामिल होने वाली चार बेटियों में से दो होनहार बेटियां गढ़वाल मंडल की हैं और दो कुमाऊं मंडल की। आपको बता दें कि यह पहली बार है कि उत्तराखंड से चार मेहनती एवं कर्मठ बेटियां महिला मिलिट्री पुलिस में शामिल हुई हैं और उन्होंने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। गढ़वाल मंडल की दो बेटियां किरण पुंडीर और अंशिका ने गढ़वाल का नाम ऊंचा किया है और भारतीय सेना की महिला पुलिस मिलिट्री में शामिल हुई हैं।

आपको बता दें कि भारतीय सेना ने 2019 में पहली बार लखनऊ में महिला मिलिट्री पुलिस के लिए भर्ती आयोजित की थी और इसमें पूरे देश से कुल 83 महिलाओं का अंतिम प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया था जिनके अंदर कुमाऊं मंडल की दो और गढ़वाल मंडल की दो बेटियां भी शामिल थीं। 6 जनवरी 2021 से लेकर कुल 61 सप्ताह की ट्रेनिंग हुई और आखिरकार 8 मई को बेंगलुरु के सैन्य पुलिस केंद्र एवं स्कूल से महिला सेना पुलिस का यह पहला बैच पास आउट हुआ और गर्व की बात यह है कि इस बैच के अंदर उत्तराखंड की 4 महत्वाकांक्षी बेटियां भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी मेहनत के बलबूते पर भारतीय सेना में अपना नाम दर्ज कराया और अब वे भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देंगी। गढ़वाल मंडल से 22 वर्षीय किरण पुंडीर एवं 21 वर्षीय आशिका भी भारतीय सेना में शामिल हो गई हैं इसके बाद से ही उनके परिवार के बीच में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है।
गढ़वाल मंडल के ग्राम भंडार गांव चंबा टिहरी गढ़वाल की 22 वर्षीय किरण पुंडीर के परिवार में सभी लोग अपनी बेटी की उपलब्धि से बेहद खुश हैं। किरण के पिता चंद्रपाल सिंह पुंडीर का कहना है कि उनकी बेटी बचपन से ही बेहद होनहार रही है और वह अपने स्कूल के समय पर भी कराटे एवं अन्य खेल की गतिविधियों में हमेशा से प्रथम आती थी। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने पूरे गांव का नाम रौशन कर दिया है। वहीं दूसरी होनहार बेटी अंशिका डोईवाला के कुडकावाला की मूल निवासी है और वे भी कड़ी मेहनत के बाद भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देंगी। उनकी इस उपलब्धि से उनके परिवार में जश्न का माहौल है। उनके परिजनों का कहना है कि अंशिका ने पूरी देवभूमि का नाम रौशन किया है और उनको अपनी बेटी पर गर्व है। राज्य समीक्षा की पूरी टीम अंशिका एवं किरण पुंडीर को भारतीय सेना में सिलेक्शन के लिए ढेरों शुभकामनाएं देती है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती है।

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