पर्यटन: टिहरी झील में बोटिंग का लुफ़्त उठा रहे है पर्यटन, कोविड गाइडलाईन का भी कर रहे पालन

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उत्तराखंड जॉब पर्यटक के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से है उत्तराखंड में पहाड़ पहाड़ियां नदियां झरने खूबसूरत वादियां खूबसूरत मंदिर घूमने के लिए प्राचीन स्थल आधी है जो पर्यटकों को उत्तराखंड आने के लिए लुभाते हैं उत्तराखंड चाहे अपनी वादियों की वजह से जाना जाता हो पर उत्तराखंड अपनी हरियाली खूबसूरत जानवर पक्षियों के लिए भी जाना जाता है। उत्तराखंड के राष्ट्रीय उद्यान पर्यटको के लिए प्राकृतिक सुन्दरता से लेकर वन्यजीवों तक बिभिन्न आकर्षण प्रदान करता है। कोविड 19 के कारण उत्तराखंड को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है।

वैसे अब उत्तराखंड ने अपने दरवाज़े टूरिस्ट्स के लिए खोल दिए हैं, लेकिन फिर भी टूरिस्ट्स का जमावड़ा नहीं लग रहा है। इसी बीच उत्तराखंड सरकार ने कई ऐसी स्कीम निकाली है जिसके तहत टूरिस्ट्स को यहां घूमने के लिए लुभाया जा सके।

अनलाक-4 के तहत बोटिंग की टिहरी झील में शुरूआत होने के साथ ही पर्यटक व स्थानीय लोग यहां पहुंचने लगे हैं। जिससे बोट यूनियन से जुड़े युवाओं का रोजगार जोर पकड़ने लगा है। झील में प्रतिदिन 70 से 80 लोग बोटिंग को शुरूआती दौर में पहुंचने लगे हैं। जिससे बोट यूनियन की आय भी प्रतिदिन 70 हजार तक पहुंच चुकी है।

 

आय बढ़ने से बोट संचालकों में खुशी का माहौल


बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार व अध्यक्ष लखवीर चौहान का कहना है कि बोट संचालन शुरू होने से बोट यूनियन से जुड़े युवाओं को राहत मिल है। धीरे-धीरे आय बढ़ने से बोट संचालकों में खुशी का माहौल है। टूरिस्ट व स्थानीय लोग लगातार अब बोटिंग के लिए टिहरी झील कोटी में पहुंच रहे हैं। बताया कि स्थानीय लोग जो कोरोना के चलते लंबे समय से बाहर नहीं जा पा रहे थे। वह कोरोना से परेशानी से मन हल्का करने को बोटिंग के लिए टिहरी झील आ रहे हैं। झील में कोविड गाइडलान के अनुसार बोटिंग पर्यटकों व स्थानीय लोगों को करवाई जा रही है।


लोग भी झील में बोटिंग कर रोमांच का अनुभव कर रहे हैं। बोट संचालक भी मोटर वाहनों की तरह टैक्स माफ करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बोट संचालकों ने एडवांस में जो टैक्स जाम किया है। उसमें से 6 माह का टैक्स उन्हें वापस किया जाय। इस बाबत डीएम टिहरी को पत्र भी दिया गया है। जिस पर उन्होंने विचार करने की बात कही है।

बढ़ेगा रोज़गार, अब लोगो का जीवन आ रहा है पटरी पर।

उत्तराखंड पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है और इसकी अर्थिकी का मुख्य आधार है कोविड-19 की वजह से पर्यटको के आने जाने पर प्रतिबंध लग गया था और पर्यटन तबाह हो गया था वही अनलॉक और में पर्यटकों को आवाजाही की छूट मिल गई है पर्यटक से गुलजार रहने वाले पर्यटन स्थलों की रौनक चली गई थी। उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश के रूप में पहचान मिली है। पर्यटन यहां की आर्थिकी का मुख्य आधार है, लेकिन मार्च में प्रदेश को कोविड-19 की ऐसी नजर लगी कि पर्यटन संबंधी सभी गतिविधियां अचानक थम गईं।

पर्यटकों से गुलजार रहने वाले उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों की रौनक चली गई। पर्यटक स्थल वीरान हो गए। अब अनलॉक में मिली छूट के बाद उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार हैं। जल्द ही देशभर के सैलानी यहां बेरोक-टोक आ सकेंगे। राज्य सरकार सैलानियों के प्रवेश के लिए बनाए गए कड़े नियमों में बड़ी छूट देने की तैयारी कर रही है। देशभर में कोरोना के चलते 5 महीने पहले लगे लॉकडाउन के बाद अब अनलॉक शुरू हो गया है, लेकिन उत्तराखंड के मशहूर पर्यटक स्थलों में अब भी वीरानी छाई है। कोरोना संक्रमण काल ने उत्तराखंड के पर्यटन की कमर तोड़ के रख दी है। अब राज्य सरकार पर्यटकों के लिए नियम-कायदों में थोड़ी छूट देने की बात कह रही है, ताकि प्रदेश में पर्यटन संबंधी गतिविधियां दोबारा शुरू हो सकें।

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