उत्तराखंड में वाहन मालिकों के लिए जरूरी खबर………………

खबरे पर्यटन शहर

उत्तराखंड में स्मैक ले जाने के मामले पिछले महीनों में प्रभावशाली रूप से बढ़े हैं और कई लोग इस अवैध कारोबार के जरिए गलत तरीके से नकदी लाने की होड़ में शामिल हो रहे हैं। पहाड़ों पर व्यक्ति स्मैक ले जाने को अंजाम दे रहे हैं। देर से स्मैक पाइरेटिंग के दो उदाहरण सामने आए हैं। एक देहरादून का और दूसरा हरिद्वार रुड़की का रहने वाला है। सभी आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। आइए हम आपको देहरादून में स्मैक पाइरिंग की घटना के बारे में बताते हैं। देहरादून में डीलर बूटलेगर को पुलिस ने पकड़ लिया है। यह आदर्श होगा यदि आप बताएं कि पटेल नगर कोतवाली पुलिस ने दोषी महिला और उसके बेहतर आधे पर कब्जा कर लिया है जो चुपके से पार्लर चलाती हैं। दोनों एक साथ स्माइलींग कर रहे थे और दोनों साथियों को पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ लिया।

मोबाइल नंबर के आरसी से लिंक होने के बाद गाड़ी से जुड़ी हर जानकारी वाहन मालिक के मोबाइल पर उपलब्ध होगी। वाहन के चालान और उसके भुगतान संबंधी डिटेल भी भेजी जाएगी। परिवहन विभाग के निर्देशों के अनुसार वाहन स्वामियों को समय रहते अपने मोबाइल नंबर अपडेट करने होंगे। आयुक्त कार्यालय ने अपील की है कि वाहन मालिक पोर्टल के माध्यम से अपनी आरसी को मोबाइल नंबर से लिंक कर लें। ये व्यवस्था इसलिए की जा रही है ताकि वाहन के चालान पर 90 दिन के भीतर कार्रवाई हो सके। नया नियम लागू होने के बाद तीन महीने के भीतर चालान पर कार्रवाई करनी होगी।

 

ऐसा तभी संभव होगा जब वाहन चालक को समय रहते चालान की सूचना भेजी जाएगी। इसके लिए आरसी का मोबाइल नंबर से लिंक होना जरूरी है। अभी तक वाहनों के चालान छह से आठ महीने तक आरटीओ में लंबित पड़े रहते हैं। नया नियम लागू होने पर तीन महीने बाद चालान का निपटारा कोर्ट में होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.