5 बार हुई थी फेल यूपीएससी की परीक्षा में लेकिन आखिरी प्रयास में ग्यारहवीं रैंक लाकर हुई सफल

समाचार समाज

अगर आप अपने जीवन में आप मान लेते हो तो आपको मिलती बिहारी है लेकिन अगर आप ठान लो कि आप जीत के ही रहोगे तो आपको सफलता भी अवश्य ही मिलती है देश की सबसे कठिन परीक्षा माने जाने वाली यूपीएससी की सिविल सेवा है जिसमें लगभग भारत का हजारों से भी ज्यादा नौजवान प्रयास करते हैं लेकिन उनमें से केवल खुशी बच्चों को सफलता मिलती है आज हम एक ऐसी महिला की कहानी सुनाने वाले हैं जिन्होंने कुल 5 बार असफलताओं का सामना करा था यूपी के पेपर को पास करने के लिए लेकिन अपने आखिरी प्रयास में हुई सफल और पूरा करना अपना सपना उन्होंने अपने पूरी में जर्नी में कभी भी हार नहीं मानी और हमेशा मेहनत करती रही तो हम आज आपको सुनाने वाले हैं आइए नूपुर की पूरी कहानी विस्तार में

आखिर कौन है यह नूपुर गोयल

दिल्ली के नरेला में नूपुर अपने माता-पिता और अपने एक छोटे भाई के साथ रहती थी नूपुर ने अपनी प्रारंभिक एवं विद्यालय शिक्षा भी दिल्ली के नरेला से ही पूरी करि हैं उनके पिता व्यवसाई हैं और उनकी माता श्री एक ग्रहणी हैं उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी टेक के बाद उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में m.a. की डिग्री भी प्राप्त करी हुई है। नूपुर ने बताया कि उन्होंने अपने कॉलेज के आखिरी सेमेस्टर में अपने सीनियर्स के द्वारा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के बारे में सुना था और इसके बारे में जाना था उनसे इतनी अच्छी बातें सुनने के बाद उन्होंने हाथ है क्या कि वह भी अपने जीवन का लक्ष्य सेवक बनकर ही पूरा करेंगे और उन्होंने अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करना शुरू कर दिया। उनका पूरा ध्यान उनके लक्ष्य के ऊपर के केंद्रीय था। उन्होंने अपने कई प्रयासों में सफलता मिली लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

दिन रात मेहनत कर पास करी थी ib की परीक्षा

नूपुर ने दिए गए इंटरव्यू में यह भी बताया था कि उन्होंने अपने दोस्तों के आग्रह करने पर इंटेलिजेंस ब्यूरो का भी पेपर दिया था और उन्होंने उसके तीनों चरण को बखूबी पास करा था। लेकिन नूपुर ने कभी भी यूपीएससी के अलावा किसी और विकल्प के बारे में सोचा नहीं था। अपने जीवन में इतनी असफलताओं के बावजूद भी उन्होंने आईएएस बनने का सपना कभी नहीं छोड़ा था और उन्होंने एक बार 2018 में अपने 5 व एटेम्पट दिया किंतु उस समय भी उनके हाथ निराशा ही लगी। इतनी कोशिश करने पर भी उन्हें सफलता नहीं मिल रही थी जिसके कारण नाराज नहीं हुई और उन्होंने वर्ष 2018 में एक बार फिर प्रयास करते हुए अपने आखरी में पूरे भारतवर्ष में 11वीं रैंक लाकर अपने सपने को संपूर्ण किया। नूपुर ने बताया कि अगर आप अपने सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करेंगे तो एक न एक दिन अवश्य ही पूरा होगा आपका सपना। सभी नौजवानों को उनकी इसी बात से सिख मिलती है।

नूपुर ने यूपीएससी की तैयारी करने वाले दी ये सलाह

अपने जीवन में यूपीएससी के पेपर देते हुए उन्होंने जितनी भी गलतियां करी थी उसको मध्य नजर रखते हुए उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा देने वाले सभी परीक्षार्थियों को अपनी ओर से एक सलाह दी है कि परीक्षा के प्रारूप को समझने के लिए हमेशा मॉक टेस्ट और पिछले साल के पेपर हल करनी चाहिए विद्यार्थी को हमेशा समय के अंदर पूरा पेपर खत्म करने का प्रयास करें वही मैं इसके लिए हमेशा से ही ज्यादा से ज्यादा लिखने का प्रयास करें इसी के साथ साथ उन्होंने बताया कि निबंध के पेपर के लिए उन्हें समय का खास ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि यूपीएससी के पेपर को पास करने के लिए जीवन में कोई शॉर्टकट मौजूद नहीं है। साथ ही साथ उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को कहा कि असफलता यूपीएससी की यात्रा का एक बहुत ही अच्छा है इसीलिए कभी भी जीवन बिना निराश हुए मेहनत करते रहो और एक न एक दिन आपके जीवन में सफलता आपको अवश्य ही मिलेगी।

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