आईएस बनने का सपना पूरा करने के लिए छोड़ी अपनी जॉब और घर परिवार ,यूपीएससी में किया टॉप

समाचार समाज

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने जीवन में इतना ज्यादा व्यस्त हो गए हैं। कि वह समाज के लिए कुछ करना नहीं चाहते हैं जब उनके पास समय नहीं है लेकिन अभी भी इस देश में ऐसे कुछ नौजवान मौजूद हैं जो अपने करियर के साथ-साथ अपने देश को भी कुछ समर्पण करना चाहते हैं कुछ ऐसे ही जज्बा दिखाया है आईएएस अफसर प्रतिभा वर्मा ने जिन्होंने अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी अपने सपने को पूरा करने के लिए और करना चाहती हैं समाज की महिलाओं के लिए कुछ अनोखा काम जिससे सुधर सके उनकी स्थिति।उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर सुल्तानपुर की निवासी प्रतिभा वर्मा (IAS Pratibha Verma) ने मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल किया है। इन्होंने अपने मज़बूत इरादों से UPSC के एग्जाम को ना सिर्फ़ क्रैक किया बल्कि AIR 3 यानी ऑल इंडिया थर्ड रैंक प्राप्त कर सारे देश को गर्व का अनुभव कराया।

एक छोटे शहर की बेटी प्रतिभा ने एक-एक करके अपनी सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ी और मंज़िल पर पहुँच कर सारे शहर को अपनी कामयाबी की रोशनी से जगमग कर दिया। प्रतिभा जो छोटी उम्र से ही आईएएस बनने का सपना देखती थी उसे पूरा करने के लिए उन्हें बहुत ही मुश्किल राहों से गुजरना पड़ा, इनका संघर्षों भरा सफ़र कुछ इस तरह था…

शुरू से ही प्रतिभावान थीं IAS Pratibha Verma

प्रतिभा (IAS Pratibha Verma) सुल्तानपुर शहर के बघराजपुर मोहल्ला में रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक सुबंश वर्मा व उच्च प्राथमिक विद्यालय की हेडमास्टर उषा वर्मा की बेटी हैं। वे शुरू से ही अपने नाम के अनुसार प्रतिभावान छात्रा रही हैं। प्रतिभा ने साल 2008 में रामराजी बालिका इंटर कॉलेज से यूपी बोर्ड से हाईस्कूल किया और वर्ष 2010 में केएनआईसीई से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। दोनों ही कक्षाओं में इन्होंने बहुत अच्छा परिणाम प्राप्त किया था। इन्हें हाईस्कूल में सारे जिले में तीसरा स्थान तथा इंटरमीडिएट में पहला स्थान प्राप्त हुआ था। वर्ष 2014 में इन्होंने IIT दिल्ली से बीटेक किया, फिर इसके बाद लगभग 2 सालों तक फ़ोन कम्पनी में जॉब की।

शिक्षित परिवार से सम्बन्ध रखती हैं IAS Pratibha Verma

प्रतिभा घर में 4 भाई बहनों में तीसरे नंबर की बेटी हैं। इनके बड़े प्राइवेट जॉब करते हैं और छोटा भाई बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। इनकी बहन MBBS MD डॉक्टर हैं। प्रतिभा के पिता सुदंश वर्मा हायर सेकेंड्री स्कूल में टीचर हैं और इनकी माँ उषा वर्मा प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका हैं। इस प्रकार से प्रतिभा को शुरू से ही एक शिक्षित माहौल मिला। बचपन से ही वे आईएएस बनना चाहती थीं।

जॉब छोड़कर UPSC Exam की तैयारी शुरू की

IAS Pratibha Verma कहती हैं कि “मैंने 2014 में बीटेक करने के बाद प्राइवेट नौकरी सिर्फ़ इसलिए की थी क्योंकि मैं यह जानना चाहती थी कि प्राइवेट सेक्टर में कैसे जॉब हैं। यहाँ पर हमें Personality development का अवसर मिलता है। परन्तु जॉब में ज़्यादा दिन तक मेरा मन नहीं लगा और फिर साल 2016 में मैंने जॉब छोड़ दी।” वे बताती हैं कि साल 2016 में मैंने जॉब छोड़ दी और दिल्ली में आ गई, वहाँ पर मैंने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। तैयारी के लिए पहले तो मैंने अपना पूरा सिलेबस समझ कर फिर अपने मज़बूत सब्जेक्ट फिजिक्स को और अच्छा करके तैयारी की। इस प्रकार से दूसरी ही कोशिश में उनका चयन हो गया

पहले IRS का पद मिला

जब प्रतिभा ने दूसरी बार एग्जाम दिया तब उन्हें All India 489 रैंक प्राप्त हुई थी, जिससे उनको आईआरएस ऑफिसर का पद प्राप्त हुआ और फिर इसके लिए वे ट्रेनिंग पर चली गईं थीं। ट्रेनिंग और काम के साथ प्रतिभा फिर से एग्जाम देने की तैयारी भी किया करती थीं, क्योंकि उनका सपना आईएएस ऑफिसर बनने का था। आईआरएस रहने के समय में ही उन्होंने ने पढ़ाई के लिए लीव ली और फिर तैयारी की।

ऑल इंडिया में टॉप किया

आखिरकार प्रतिभा (IAS Pratibha Verma) की मेहनत रंग लाई और उन्हें आईएएस की ऑल इंडिया रैंकिंग में तीसरा व महिला वर्ग में पहला स्थान हासिल हुआ। गौरतलब है कि वे सुल्तानपुर से टॉप थ्री रैंक प्राप्त करने वाली पहली महिला हैं, इस वज़ह से सारा सुल्तानपुर से है उनकी तारीफ कर रहा है।

वोडाफोन कंपनी में बतौर डिप्टी मैनेजर करती थीं काम

प्रतिभा बताती हैं कि सुल्तानपुर से शुरुआती शिक्षा और दिल्ली से ग्रेजुएशन करने के बाद, बीटेक की डिग्री प्राप्त करके फिर उन्होंने पुणे में देश की प्रसिद्ध वोडाफोन कंपनी में बतौर डिप्टी मैनेजर काम किया। इसी बीच उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी भी शुरू कर दी। फिर वर्ष 2019 में इनका सलेक्शन IRS की पोस्ट पर हुआ।

माता पिता ने दिया साथ

IAS प्रतिभा (IAS Pratibha Verma) ने बताया कि मैंने जो मुकाम हासिल किया है, उसमें मेरे माता-पिता का बहुत योगदान रहा है। मेरे मम्मी पापा और दोस्तों ने मेरा बहुत साथ दिया है। मैं एक छोटे से शहर से ताल्लुक रखती हूँ इसलिए मेरे लिए दिल्ली जैसे बड़े शहर में जाकर परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था, क्योंकि छोटे शहर में ना मैं ज़्यादा अवसर और संसाधन नहीं मिल पाते हैं, जितने की बड़ी सिटी में मिलते हैं, पर मेरे मम्मी पापा ने मुझे हमेशा हौसला दिया और मेरे फैसलों का सम्मान किया।

प्रतिभा (IAS Pratibha Verma) के सारे परिवार वाले और उनके दोस्त उनकी इस सफलता से बहुत खुश हैं। प्रतिभा का कहना है कि यदि सही दिशा में ठीक प्रकार से कोशिश की जाए तो हमें कामयाबी अवश्य मिलती है।

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