आपका जानकार हो जायँगे हैरान कला वर्ग के छात्र ने बनायीं बैटरी वाली मोटरसाइकिल , पिता की है पंचर की दूकान

समाज

कौन कहता है किसी वैज्ञानिक वाली वास्तु का अविष्कार करने के लिए आपको इंजीनिअर बनना जरुरी है अगर आपके अंदर टेलेंट है तो बस वही काफी है आपने आपको साबित करने के लिए , छोटे छोटे गांव से लोग ऐसे अविष्कार कर देते है जिनकी आज के समय बहुत जरूरत है क्युकी डीजल , पेट्रोल बहुत महंगा हो गया है तो लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल का ऑप्शन देख रहे है ऐसे ही एक लड़के की कहानी हम आपको बताते है जिसने यह काम किया है। ऐसे ही अपने टैलेंट के द्वारा यूपी के नीरज ने 50 किलोमीटर तक चलने वाली एक बैटरी की मोटरसाइकिल बना डाली है।

नीरज मौर्य (Neeraj Maurya) जो कि यूपी के मिर्जापुर के रहने वाले हैं। नीरज मिर्जापुर जिले के पंचशील डिग्री कॉलेज मवईकला से ही बीएड की B.A की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पिता पेशे से किसान हैं और खेती करने के साथ-साथ टायर पंचर ठीक करने का काम भी करते हैं। पढ़ाई करने के साथ-साथ किसान के बेटे नीरज ने बैट्री से चलने वाली मोटरसाइकिल को काफ़ी मेहनत के बाद बनाया है। उनके द्वारा बैटरी से बनाई हुई मोटरसाइकिल 50 किलोमीटर तक चल सकती है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक नीरज को बैटरी वाली ये मोटरसाइकिल बनाने में क़रीब एक महीना का समय लग गया। उन्हें मोटरसाइकिल बनाने के दौरान बहुत ज़्यादा आर्थिक समस्या भी हुई, क्योंकि नीरज के पास मोटरसाइकिल में बैटरी लगाने के लिए बिल्कुल भी पैसे नहीं थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दुर्गा पूजा के समय मूर्ति बनाकर पैसे इकट्ठे किए और बैटरी खरीदी।

उनकी बनाई हुई इस मोटरसाइकिल की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे एक बार चार्ज कर देने पर यह 50 किलोमीटर का सफ़र आसानी से तय कर सकती है। नीरज ने इस मोटरसाइकिल में बैक गियर का भी प्रयोग किया है, जिससे मोटरसाइकिल आसानी से पीछे की तरफ़ भी जा सकती है। उनकी इस उपलब्धि से खुश होकर छानबे विधायक प्रकाश कॉल उनके घर तक पहुँच गए और उन्हें शुभकामनाएँ दी।

नीरज को यह बैटरी वाली मोटरसाइकिल तैयार करने में लगभग 30 हज़ार रुपए लग गए हैं। अन्य बाइक की तरह यह भी काफ़ी स्पीड में चल सकती है। दैनिक जागरण से बातचीत के दौरान नीरज ने कहा कि इस मोटरसाइकिल की दाम और भी कम हो सकती है, अगर कुछ सरकारी सब्सिडी मिल जाए तो। आपको बता दें कि नीरज ने किसी भी तरह की तकनीकी पढ़ाई नहीं की है वह नॉर्मल ग्रेजुएशन कर रहे हैं। उनके पिता भी उनके इस उपलब्धि पर बहुत खुश हैं और बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं।

वैसे नीरज का सपना है कि लोग उनकी बनाई हुई मोटरसाइकिल का प्रयोग करें जिससे हम अपने पर्यावरण की प्रदूषण से रक्षा कर सकें, क्योंकि अन्य बाइक से निकलने वाले धुएँ से हमारा पर्यावरण बुरी तरह से प्रदूषित होता है। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।

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