एक गरीब किसान का बीटा बना IPS शुरुवात में लोगो ने पर्सनालिटी को लेकर बनाया था बहुत मजाक

समाज

जब इंसान गरीब होता हो तो आपको कोई नहीं पूछता है। फिर चाहे आप कितने भी अच्छे क्यों न हो। अमीर को सब पूछते है क्युकी उन पर पैसा होता है लोग उनकी इज़्ज़त करते है। निकेतन बंसीलाल कदम (IAS Niketan Bansilal Kadam) की ज़िन्दगी में भी एक ऐसा दिन था जब लोग उनका मज़ाक उड़ाया करते थे और यह कहते थे कि उनके पास ठीक ढंग से पहनने को कपड़े नहीं है, ना ही उन्हें अंग्रेज़ी बोलने आती है और ना ही उन्हें उठने बैठने का तरीक़ा पता है और इसी वज़ह से लोग उनसे दूर-दूर ही रहा करते थे।

लेकिन वही निकेतन बंसीलाल कदम (IAS Niketan Bansilal Kadam) लोगों की बातों को दिल से ना लगाते हुए और अपने मेहनत के दम पर बन चुके हैं एक IPS ऑफिसर। अब देखिए कैसे इनके पास इन तीनों चीज़ों की कोई कमी नहीं है और लोग उनकी इज़्ज़त भी कर रहे हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में…

बचपन में इनका जीवन बेहद ही ग़रीबी में गुजरा
निकेतन बंसीलाल कदम, (IAS Niketan Bansilal Kadam) नासिक महाराष्ट्र के एक बहुत छोटे से गाँव में जन्मे और वहीं पले बढ़े हैं। बचपन में इनका जीवन बेहद ही ग़रीबी में गुजरा है क्योंकि उनके पिता एक किसान थे और उनकी आमदनी बहुत कम थी। इसके बावजूद भी निकेतन बहुत संघर्ष कर आगे बढ़े और अपनी पढ़ाई पूरी किए। इनके मेहनत के कारण ही वर्ष 2018 में यूपीएससी सीएसई परीक्षा में सिलेक्शन होने के बाद उन्हें आईपीएस का पद प्राप्त हुआ। उनका सिलेक्शन होने के बाद पूरे गाँव में यह चर्चा होने लगी कि कैसे एक गरीब परिवार का लड़का अपने हौसले और लगन से आईपीएस बनने तक का सफ़र पूरा किया और वही पुराने बंसीलाल निकेतन अब लोगों के लिए प्रेरणा बन गए।

मीडिया को दिए हुए इंटरव्यू में उन्होंने अपने संघर्षों के बारे में भी बताया
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बंसीलाल निकेतन ने बताया कि बचपन में बहुत मुश्किल से उनके परिवार का ख़र्च चल पाता था। उनकी शुरुआती शिक्षा वही के ज़िला परिषदीय स्कूल मराठी मीडियम से पूरी हुई। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने डिप्लोमा कर एक कॉलेज से B.Tech किया। उसके बाद एक आईटी कंपनी में ही उन्हें एक नौकरी भी मिल गई। उन्होंने पूरे 2 सालों तक यह जॉब किया। इतनी अच्छी नौकरी और सैलरी मिलने के बावजूद भी निकेतन का मन दूसरी ओर लगा रहता।

उनका ऐसा कहना है कि वह नहीं चाहते कि उन्होंने बचपन में जिन परेशानियों का सामना किया, उन परेशानियों का सामना बाक़ी युवाओं को भी करना पड़े। कॉलेज के दौरान इनके पर्सनालिटी को लेकर लोग जिस तरह इनका मज़ाक उड़ाते, वह सारी बातें भी इन्हें बहुत ठेस पहुँचाती थी। इसलिए कुछ बदलाव लाने के लिए उन्होंने सिविल सर्विस में जाने का फ़ैसला लिया।

तीन प्रयासों में मिली सफलता
बंसीलाल निकेतन UPSC परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए और वही तैयारी शुरू की। पहले दो प्रयासों में तो इन्हें असफलता ही हाथ लगी। लेकिन तीसरी बार इन्होंने काफ़ी मेहनत के बाद सफलता हासिल की। लेकिन इन तीनों ही प्रयासों में निकेतन को प्री परीक्षा में 120 प्लस अंक प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि आपको अपने ऑप्शनल विषय का चुनाव बहुत ही सोच समझ कर करना चाहिए, क्योंकि इसकी बहुत ही अहम भूमिका होती है आपको सफलता दिलाने में। निकेतन का ऑप्शनल विषय एंथ्रोपोलॉजी था।

जीरो से करें शुरुआत
परीक्षा की तैयारी को लेकर निकेतन ने कहा कि आप बिल्कुल शून्य से तैयारी शुरू करें यह कभी ना सोचे कि आप को कुछ आता भी है। अक्सर जो लोग यह सोचते हैं कि मुझे बहुत कुछ आता है और मुझे तैयारी की ज़रूरत नहीं है, उन्हें ही असफलता हाथ लगती है। परीक्षा के लिए आप प्री और मेंस की तैयारी एक साथ ही करें। इन दोनों को कभी अलग-अलग मानकर इसकी तैयारी ना करें वरना आपको समस्या हो सकती है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि आप तैयारी के लिए टेस्ट दे लेकिन सीमित मात्रा में क्योंकि यह आपके लिए उतना फायदेमंद नहीं होगा।

आगे निकेतन ने कहा कि बहुत ज़्यादा टेस्ट देने से अच्छा है कि आप पहले आए हुए सारे क्वेश्चंस को बनाएँ। उन्होंने कहा कि जो टेस्ट पेपर होते हैं उसे कोचिंग वाले ख़ुद से बनाते हैं जबकि पिछले साल के जो पेपर होते हैं वह UPSC द्वारा सेट किए गए होते हैं। इसलिए इसकी प्रैक्टिस करना आपके लिए ज़्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।

आने वाले कैंडिडेट्स के लिए बताया कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं
जो करना चाहिए उसे लेकर निकेतन ने कहा कि प्री और मेंस की तैयारी एक साथ करें और रिवीजन बहुत ज़्यादा करें। क्योंकि निकेतन ने ख़ुद भी एक किताब को 8 बार पढ़ा था। टेस्ट सीरीज ज़रूर दें लेकिन पिछले साल के क्वेश्चंस पर अपना ज़्यादा फोकस रखें।

अब छात्रों को तैयारी के दौरान क्या नहीं करना चाहिए इसको लेकर निकेतन बताते हैं कि प्री परीक्षा के लिए सोर्स को कम रखें और बहुत ही लिमिट सोर्स को बार-बार पढ़ें। किसी भी विषय या टॉपिक को शुरू से पढ़ें। यह कभी ना सोचें कि इसके बारे में हमें कुछ जानकारी है और सबसे महत्त्वपूर्ण बात जो उन्होंने बताई वह यह की प्रीलिम्स के पहले अपने बायोलॉजिकल क्लॉक सेट करनी चाहिए और रात में बहुत देर तक जगने के बजाय सुबह जल्दी उठने की कोशिश करें। इसके साथ ही तैयारी के दौरान आप एक्सरसाइज और मेडिटेशन पर भी ध्यान दे सकते हैं।

इस तरह निकेतन बंसीलाल कदम (IAS Niketan Bansilal Kadam) को अपने मेहनत के दम पर IPS बनने के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएँ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.