एक पाकिस्तानी महिला बन गई यूपी के गांव की प्रधान ,जाने कैसे हुआ..पढ़ें पूरी खबर….

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इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश का एक छोटा सा जिला बहुत ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है इसका कारण यह है। कि इसका मसला हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है। इसी कारण से यह जिला इतना चर्चा और शक्तियों का विषय बना हुआ है। वहां से खबर सामने आ रही है कि पाकिस्तानी एक नागरिक उत्तर प्रदेश के जिला एटा के एक छोटे से गांव में प्रधान बन गई है।

हालाँकि जब यह खबर उत्तर प्रदेश के प्रशासन को पता चला तब वहां हडकंप सा मच गया. और इसके बाद ही प्रशासन ने तुरंत FIR का आदेश दे दिया इतना ही नहीं इन सब के साथ ही इस मामले की अच्छी तरह से जांच भी शुरू कर दी गयी है.

आपकी जानकारी के लिए बता दे, पाकिस्तान का एक जाना मान शहर कराची की रहने वाली बानो बेगम का निकाह आज से लगभग 35-40 साल पहले अख्तर अली से हुआ था. जो की उत्तर प्रदेश के जिला एटा के एक गांव जलेसर के रहने वाले है. बानो बेगम अभीतक भारत में लॉन्ग टर्म वीज़ा के आधार पर रही है. इस बीच उन्होंने सारकार से बहुत बार आवेदन भी किया की उन्हें भारतीय नागरिकता दिया जाये परन्तु हर बार उनकी आवेदन को ठुकरा दिया गया है. साल 2015 में बानो बेगम को ग्राम पंचायत का सदस्य चुना गया था. इसके बाद ही 9 जनवरी 2020 को उस गांव के ग्राम प्रधान शहनाज बेगम का निधन हो गया था. तब गांव के ग्राम प्रधान का मिर्त्यु के बाद बानो बेगम को वहा के सदस्यों द्वारा गांव का कार्यवाहक प्रधान चुन लिया गया था.

बता दें, जांच के दौरान बानो बेगम ने अपनी सफाई देते हुए यह कहा कि वो तो अनपढ़ हैं और उन्होंने कभी भी पंचायत का कोई चुनाव नहीं लड़ा है. बानो बेगम ने आगे यह भी बताया है कि वह अपने पिता के पासपोर्ट और वीज़ा के आधार पर भारत में प्रवेश की थीं. जिसके बाद से ही वह भारत में लॉन्ग टर्म वीज़ा एक्सटेंशन लेकर रह रही हैं. इसके साथ ही बानो बेगम ने यह भी दावा किया है कि उन्हें इस मामले में किसी तरह की जानकारी नहीं है. वे खुद को बेकसूर बता रही है. बानो ने बताया की उनसे कुछ कागजों पर अंगूठे लगाए थे. वे आगे यह भी बताती है कि उन्होंने ऐसा वहां के एक स्थानीय नागरिक के कहने पर किया था.

दरअसल उत्तर प्रदेश के अधिकारियों द्वारा यह बताया गया कि उन्होंने उस पाकिस्तानी महिला से इस्तीफा ले लिया है जो अभी तक गांव की प्रधान पद पर काम कर रही थी. इतना ही नहीं इन सब के बाद अब इस मामले की अच्छी तरह से जांच करने के लिए भी आदेश दिया गया हैं. साथ ही वहा के जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी ने यह बताया कि मजिस्ट्रेट सुखलाल भारत ने भी इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है और कहा है कि किस प्रकार एक पाकिस्तानी नागरिक को आधार कार्ड मिला? और किन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें गाँव के पंचायत का सदस्य चुना गया?

हालाँकि अब इस बात की भी जांच की जाएगी की बनो बेगम एक पाकिस्तानी है. और इसकी जानकारी गाँव वालो को भी होगी. फिर कैसे गाँव वाले ने उन्हें गांव का प्रधान चुन लिया. उन्होंने यह भी बताया कि इस बात की जानकारी तब हुई गांव के एक व्यक्ति ने इस बात की शिकायत की थी. अब मजिस्ट्रेट ने बानो बेगम के खिलाफ भी FIR के आदेश दे दिए हैं. और अधिकारियों ने कहा कि जिन लोगों ने भी बानो बेगम की दस्तावेज बनवाने में उनकी मदद की होगी उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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