एक व्यापारी को कछुआ मिला 16 नाखून वाला: शास्त्रों के हिसाब से माना जाता है बहुत शुभ

समाज

कुछ समय पहले की बात है नेपाल के एक छोटे से गांव में सुनहरे रंग का कछुआ मिला था। उसके कुछ दिनों बाद ही मध्य प्रदेश के बैतूल क्षेत्र में एक अनोखा प्रकार का कछुआ देखा गया था जो की बहुत ही दुर्लभ प्रजाति का कछुआ माना जाता है। इसकी विशेषता है कि इसका काला रंग जिसके कारण से ब्लैक शेड भी कहा जाता है। वैश्विक बाजारों में इस ब्लैक शेड नामक कछुए की कीमत बहुत ही उच्च दर की होती है। साथ ही साथ शास्त्रों में यह माना जाता है कि इस कछुए का आपके जीवन में आना आपके जीवन को खुशियों से भर देगा ।

वैश्विक बाज़ार में इसकी क़ीमत बहुत अच्छी खासी बताई जा रही है। वास्तु के अनुसार भी इसे बहुत शुभ बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह गुडलक चार्म होता है, इसे घर में रखने से सुख शांति आती है।

यह कछुआ खाता है घास

इस कछुए में यह खासियत है कि यह घास खाता है। यह कछुआ पानी में ज़्यादा नहीं रहता बल्कि ज़मीन पर चलता है। इस 16 नाखून वाले कछुए के एक पंजे में 4 नाखून होते है। इसे घर में रखना गैर कानूनी होता है।

कारोबारी को मिला अनोखा कछुआ

बैतूल में रहने वाले कारोबारी ब्रिज कपूर को यह अनोखा कछुआ मिला है। ब्रिज कपूर का कहना है कि बारिश के दौरान उन्हें यह कछुआ पानी में बहता हुआ सड़क पर आ गया था। सड़क के किनारे से ब्रिज इस अनोखे कछुए को वे आपने साथ अपने घर ले आये।

वन विभाग को लौटा दिया कछुआ

ब्रिज कपूर इस कछुए को अपने साथ अपने घर ले आये। इस कछुए को अपने घर लाये हुए ब्रिज को पूरे 10 दिन हो चुके हैं। ब्रिज का कहना है कि 10 दिनों तक इस कछुए को घर में रख कर उन्हें यह लगा कि घर पर रख कर इसका सही प्रकार से विकास नहीं हो सकता।

इसलिए ब्रिज ने इस कछुए को वन विभाग की टीम के हवाले सौंप दिए है उन्होंने आगे बताया की, यह जानते हुए की यह कछुआ बहुत शुभ होता है, लेकिन इसके बाद भी उसकी सही देखभाल के लिए उसे वन विभाग की टीम को दे दिया।

वहाँ के वनरक्षक चंद्रशेखर ने इस बात की पुष्टि की है कि यह कछुआ कारोबारी ब्रिज कपूर के यहाँ से प्राप्त हुआ है। इस दुर्लभ कछुए को नदी में छोड़ दिया जाएगा।

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