कारपेंटर की बेटी बनी IPS अफसर कभी उसी थाने में पिता करते थे कारपेंटर का काम

समाज

आज हम आपको एक ऐसी महिला IPS के बारे में बताने जा रहे है जिसने एक मुख्य मंत्री से ले लिए था पन्गा आइये जानते है इनके बारे में

जानिए कौन हैं आईपीएस (IPS Sangeeta Kalia) संगीता कालिया
आईपीएस संगीता कालिया (IPS Sangeeta Kalia) बचपन से ही काफी तेजतर्रार थी। उनके पिता का नाम धर्मपाल है, जो कि पुलिस विभाग मे कारपेंटर थे। वो पढ़ाई के प्रति काफी सजग रहती थी। वो बचपन से बड़ी पुलिस ऑफिसर बनने का सपना देख रही थी। अपनी मेहनत और हौसले के दम पर उन्होंने आईपीएस ऑफिसर बनकर घरवालों का नाम गर्व से ऊँचा कर दिया। उनके पिता साल 2010 में रिटायर हो गए थे।

सीरियल देखकर पुलिस ऑफिसर बनने की प्रेरणा मिली
उनके पुलिस ऑफिसर बनने के सफर के बारे में पूछा गया। तो वह (Sangeeta Kalia) बताती है कि टीवी सीरियल ‘उड़ान’ देखकर उनको पुलिस ऑफिसर बनने की प्रेरणा मिली। आगे वो बताती है कि मेरे पिता पुलिस विभाग में कारपेंटर का काम करते थे। उन्होंने भी मुझे एक बड़ी पुलिस ऑफिसर बनने के लिए प्रेरित किया। आज उनकी शादी हो चुकी है उनके पति विवेक कालिया हरियाणा में एचसीएस है।

आईपीएस (IPS) बनने के लिए छोड़ दी 6 नौकरियां
संगीता साल 2010 के बैच की आईपीएस अधिकारी है। उन्होंने इसके पहले दो बार यूपीएससी (Sangeeta Kalia upsc) को परीक्षा दी परन्तु वह सफल नहीं ही सकी। 2009 में उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में UPSC की परीक्षा पास कर ली। संगीता ने 2005 में पहली सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी जिसमें वो सफल नही हो सकी। लेकिन उनकी नौकरी रेलवे में लग गयी हालांकि उस नौकरी को भी संगीता ने ज्वाइन नही किया।

वह एक बार फिर से पूरी मेहनत और लगन से जुट गई। इस बीच अलग-अलग विभाग में उनकी 6 बार नौकरी लगी। लेकिन उन्होंने किसी भी नौकरी को ज्वाइन नही किया। आखिरकार 2009 में आईएएस परीक्षा पास कर ली.

अपनी ईमानदारी और तेजतर्रार फैसले के कारण रहती है चर्चा में
संगीता की चर्चा आज देश की ईमानदार और कड़क महिला पुलिस ऑफिसर के रूप में होती है। वह जिस जिले में होती हैं वहां अपराधी उनसे खौफ खाते है। इसलिए उनका ट्रांसफर होता रहता है। उन्होंने कई बार शराब तस्करों को गिरोह को गिरफ्तार किया है। उन्हें जहां भी तैनात किया जाता है वहां के क्राइम रेट में गिरावट देखने को मिलती है।

शराब के मुद्दे पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज से भिड़ गई
साल 2015 में जब संगीता को फतेहाबाद भेजा गया तो उनकी वहां के मंत्री (Sangeeta Kalia and Anil Vij) से बहस हो गई। दरअसल, 27 नवंबर को हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज एक जन-सुनवाई कर रहे थे। वहाँ संगीता भी मौजूद थी। उस समय अनिल विज वहां के कष्ट निवारण सिमित के अध्यक्ष थे। शराब के मुद्दे पर संगीता और अनिल विज की तगड़ी बहस हो गई।

इसी दौरान अनिल विज ने संगीता से कहा ‘गेट आउट’, तब संगीता ने कहा, ‘मैं नहीं जाऊंगी. आप इस तरह से मेरा अपमान नहीं कर सकते. वो इस्पात की तरह मंत्री अनिल विज के सामने खड़ी रही। अंत में अनिल विज उस बैठक को छोड़ कर चले गए। हालांकि अनिल विज ने अपने रसूख के द्वारा संगीता कालिया का ट्रांसफर करा दिया।

इस प्रकार वो कई बार आम जनता के हक के लिए कई नेताओं से भिड़ चुकी है। उनका तबादला समय-समय पर होता रहता है। आज संगीता कालिया को पूरे देश मे एक ईमानदार और सच्ची महिला ऑफिसर के रूप में जाना जाता है। आज जो कुछ भी उन्होंने हासिल किया है वह अपनी मेहनत और ईमानदारी की बदौलत हासिल किया है। आज संगीता हजारों ईमानदार पुलिस वालों की रोल मॉडल हैं।

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