घर पर सही से छत भी नहीं थी फिर भी मेहनत कर बने UPSC के टोपर IAS अभिषेक शर्मा

समाज

UPSC की परीक्षा में हर कोई पास नहीं होता यहाँ फरक नहीं पढता की आप किस क्षेत्र से आते हो फरक पढता है आपके अंदर काबिलियत कितनी है। अंग्रेजी मीडियम के छात्रों को यूपीएससी की परीक्षा पास करने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है. ऐसे अभ्यार्थी यूपीएसी की परीक्षा में जल्दी सफल हो जाते हैं. हालांकि इस परीक्षा के नतीजें हर साल ऐसे उदाहरण दे जाते हैं जो इस बात को निराधार बताने के लिए काफी होते हैं. इस परीक्षा में भाषा नहीं अभ्यार्थी की काबिलयत मायने रखती है. यहां किसी भी भाषा का कैंडिडेट सफल हो सकता है आज हम आपको आईएएस अभिषेक शर्मा (IAS Abhishek Sharma) के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको अंग्रेजी बोलने और समझने में काफी दिक्कत होती थी. लेकिन अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने इस परीक्षा को पास कर लिया. इतना ही नहीं उन्होंने (Abhishek Sharma) देश की इस सबसे कठिन परीक्षा में 69वीं रैंक भी हासिल की. आपको बता दें कि यूपीएससी की उन्होंने कुल 3 बार परीक्षा दी जिसमें उन्हें 2 बार असफलता हाथ लगी.

कौन हैं आईएएस अभिषेक शर्मा
जम्मू के एक छोटे से गांव में रहने वाले अभिषेक शर्मा की शुरुआती पढ़ाई ज्यादा अच्छे स्कूल में नहीं हुई थी. उन्होंने अपनी पढ़ाई गांव के स्कूल से ही की थी. वो बतातें हैं कि उनके स्कूल की हालत बहुत खराब थी. टूटी-फूटी छत और उस छत पर टीन शेड लगी हुई थी. बैठने के लिए उचित व्यवस्था ना होने के कारण बच्चों को जमीन पर बैठना पड़ता था.

ऐसे हालातों से पढ़ाई करने वाले अभिषेक (UPSC Abhishek Sharma) की ज्यादातर पढ़ाई हिंदी मीडियम से ही हुई. हालांकि पढ़ाई को लेकर उनके जुनून ने उनके हौसले को कभी कमजोर नहीं होने दिया. हाईस्कूल में उन्होंने 90.20 प्रतिशत और इंटमीडिएट परीक्षा में 93.3 फीसद अंक हासिल किए. इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद अभिषेक ने एकाग्र होकर यूपीएससी की पढ़ाई शुरू कर दी.

इंटरनेट में हिंदी में स्टडी मैटेरियल की कमी
अभिषेक की मां एसडीएम कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत थीं. अपनी मां के जब भी उनके कार्यालय जाते तो अधिकारियों का रुतबा देखकर उन्हें बहुत अच्छा लगा. इसके बाद उनके मन में में आईएएस बनने का ख्याल आया. अपने सपने को साकार करने के लिए दिल्ली में ग्रेजुएशन की तैयारी के लिए आ गए. ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद उन्होंने 3 माह तक कोचिंग की. इसके बाद किसी कारणवस जम्मू कश्मीर वापस चले गए.

यूपीएससी की तैयारी के दौरान हिंदी में स्टडी मैटेरियल इंटरनेट में काफी कम उपलब्ध है. अभिषेक ने हर मुश्किल का सामना करते हुए हर चुनौती का सामना किया. उन्होंने हार नहीं मानी और सफलता हासिल कर ली

असफलताओं से घबराएं नहीं
अभिषेक शर्मा कड़ी मेहनत को सफलता की कुंजी मानते हैं. उनका कहना है कि आपने किसी भी माध्यम से पढ़ाई की हो. यूपीएससी में भाषा नहीं पढ़ाई मायने रखती है. वो कहने हैं कि कैंडीडेट को उस भाषा को चुनना चाहिए जिसमें वो बेहतर तरीके से हर सवाल का जवाब दे सके. इंटरव्यू में उसी भाषा का उपयोग करना चाहिए. वहीं, यूपीएससी की तैयारी में विफलताओं को लेकर वो कहते हैं कि असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए. बल्कि उनका सामना करते हुए प्रयास जरूर करना चाहिए. मेहनत करने वालों को सफलता जरूर मिलती है.

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