घर में तुलसी माता का उल्टा प्रभाव पढ़ सकता हैं अगर तुलसी का पौधा लगाते समय न रखा ध्यान

समाज

हमारे देश में बहुत से घरों में तुलसी का पौधा होता है। तुलसी का पौधा बुध का प्रतिनिधित्व करता है, जो भगवान कृष्ण का एक स्वरूप माना गया है। भगवान कृष्ण को तुलसी सर्वाधिक प्रिय है। हालांकि, तुलसी के पौधे को लगाने और उसकी पूजा करने के भी कई नियम हैं। आइए जानते तुलसी वृक्ष के नियम…

एक बात जान लें, तुलसी का पौधा हर किसी के लिए शुभ नहीं होता है। तुलसी का पौधा लगाने में कई नियमों का पालन करना होता है। आइए जानते हैं कि किन लोगों को तुलसी का पौधा घर में नहीं लगाना चाहिए और इसे लगाते समय किन बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है।

तामसिक का इस्तेमाल करने वाले ना लगाए तुलसी 

तुलसी को परम वैष्णव माना गया है. भगवान विष्णु की पूजन विधि में तामसिक तरीकों का प्रयोग नहीं किया जाता है. भगवान विष्णु की पूजा राजसिक या सर्वाधिक प्रिय सात्विक तरीके से की जाती है. उन लोगों को अपने घर में तुलसी नहीं रखनी चाहिए जो मांस का सेवन करते हैं.

तुलसी को कभी भी दक्षिण दिशा में ना लगाएं

कभी भी तुलसी को दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए क्योंकि इस दिशा में रखी गई तुलसी हमेशा अशुभ फल देती है। तुलसी को हमेशा उत्तर दिशा में ही लगाएं, जो बुध की दिशा मानी जाती है। उत्तर दिशा में भी पूर्व की और लगाना चाहिए।

जमीन पर न लगाएं तुलसी पौधा

तुलसी एक पवित्र पौधा है तुलसी को कभी भी ज़मीन में नहीं लगाना चाहिए। तुलसी को हमेशा गमले में ही लगाना चाहिए। ज़मीन में लगाने पर तुलसी अशुभ फल देना शुरू कर देती है। जिसका असर घर के सदस्यों की सेहत पर पड़ता है। बीमार हो सकते हैं।

रविवार को न करें पूजा

सप्ताह में इस एक दिन यानी रविवार के दिन तुलसी की पूजा-अर्चना नहीं करनी चाहिए और ना ही इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए. बाक़ी दिनों में भी तुलसी के पत्ते सूर्यास्त के बाद नहीं तोड़ने चाहिए। दिन में पत्ते तोड़ना अशुभ होता है।

तुलसी को घर के आँगन में लगाएं

तुलसी को हमेशा देव स्थान पर लगाना चाहिए। तुलसी को हमेशा घर के आंगन, केंद्र या घर की पूर्वोत्तर या उत्तर दिशा में रखना चाहिए. ईशान दिशा को ईश्वर की दिशा मानी जाती है। इस जगह तुलसी सबसे ज़्यादा शुभ परिणाम देती है।। घर खुशियों से भर जाता है बोलो तुलसी माता कि जय।

Leave a Reply

Your email address will not be published.