जब युवक हुआ एमबी में फेल तो ,”एमबीए चाय वाला “के नाम से खोला टी स्टॉल, आज है तीन करोड़ से ऊपर का टर्नओवर

समाचार समाज

यह कहानी है प्रफुल्ल की जो एमपी में असफल होने के बाद भी अपने जीवन में घबराए नहीं और निडर होकर परेशानियों का सामना किया उन्होंने अपनी उसी असफलता को अपनी कामयाबी का रास्ता बनाया सिर्फ ₹8000 लेकर उधार उन्होंने चाय स्टॉल की शुरुआत की सड़क किनारे और आज के मौजूदा समय में उनकी कंपनी तीन करोड़ से ऊपर कर कर रही है कारोबार आइए हम आपको बताते हैं उनकी पूरी कहानी के बारे में।

प्रफुल्ल जो अहमदाबाद के रहने वाले हैं, उनकी उम्र 22 वर्ष है। MBA करने के बाद प्रफुल्ल शायद उतना प्रसिद्धि नहीं पाते जितना कि वह एमबीए नहीं करने पर “MBA Chaiwala” के नाम से पूरे भारत में प्रसिद्ध हो चुके हैं। प्रफुल्ल एमबीए करना चाहते थे लेकिन इसके एंट्रेंस में सफलता नहीं मिलने के बाद ही प्रफुल बिलोरे ने मैकडॉनल्ड्स में काम करना शुरू किया। लेकिन यहाँ भी उन्होंने ज़्यादा दिनों तक काम नहीं किया। तब उनके मन में यह विचार आया कि उन्हें किसी व्यवसाय में अपना हाथ आज़माना चाहिए। उसके बाद प्रफुल्ल सिर्फ़ 3 महीने के लिए अपने पिता से 8 हज़ार रुपए उधार लिए और सड़क के किनारे अपने एक चाय के स्टॉल की शुरुआत की।

पहले प्रफुल्ल का मन एक रेस्टोरेंट खोलने का था लेकिन आर्थिक समस्या के कारण वह रेस्टोरेंट नहीं खोल सके। एक इंटरव्यू में प्रफुल्ल बिलोरे ने कहा कि मेरे द्वारा चाय का स्टाल खोलना मेरे माता-पिता को बिल्कुल भी पसंद नहीं था वह इस चीज के बिलकुल खिलाफ थे। उनके माता-पिता ने यहाँ तक कहा कि तुम्हारा यह फ़ैसला बिल्कुल ग़लत है।

प्रफुल बिलोरे ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अपने आप पर भरोसा था, इसलिए उन्होंने अपने माता-पिता को राजी कर लिया। आगे प्रफुल्ल ने बताया कि जब उन्होंने चाय की दुकान की शुरुआत की तब प्रतिदिन उनकी कमाई सिर्फ़ 100 रुपए थी लेकिन बाद में उनकी कमाई हर रोज़ 5000 तक होने लगी। अब तो प्रफुल्ल के इस बिजनेस का टर्नओवर 5 करोड़ तक पहुँच चुका है।

अपने संघर्ष के दिनों के बारे में प्रफुल्ल ने बताया कि अपने पिता से उधार लिए 8 हज़ार से उन्होंने जिस चाय की दुकान की शुरुआत की उसका नाम उन्होंने ‘MBA Chaiwala‘ रखा। उन्होंने कहा कि मेरे इस व्यवसाय को लेकर लोगों ने मेरा बहुत मज़ाक उड़ाया। लेकिन लोगों के हर मज़ाक को मैं प्रेरणा की तरह लेता था। प्रफुल्ल चाय के ठेले के साथ-साथ राजनीतिक रैलियों में भी चाय बेचने का काम शुरू किए। लेकिन उनकी कड़ी मेहनत के कारण ही साल 2019-20 तक उनका यह कारोबार तीन करोड़ तक पहुँच चुका था।

आगे प्रफुल्ल ने बताया कि MBA Chaiwala नाम से दुकान खोलने के बाद वह रुके नहीं और उन्होंने अपने दुकान का वीडियो बनाना शुरू किया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया। शुरुआत में काफ़ी लोगों ने उनके वीडियो पर नेगेटिव कमेंट किया। लेकिन बाद में उनके दुकान का वीडियो पूरा वायरल होने लगा। तब उन्होंने अपना पूरा ध्यान अपने दुकान पर देना शुरू किया और उसे आगे बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करने में जुट गए।

मीडिया वाले प्रफुल्ल के इस बिजनेस मॉडल से बहुत आकर्षित हुए। आगे प्रफुल्ल को IIAM अहमदाबाद में छात्रों को सम्बोधित करने का निमंत्रण भी मिला, जहाँ से एमबीए करने का सपना प्रफुल्ल ने देखा था। वहाँ के क्षेत्र उनकी कहानी को सुन काफ़ी प्रेरित हुए।

आगे चलकर कुछ लोगों के द्वारा प्रफुल्ल के दुकान को बहुत ज़्यादा डिस्टर्ब किया गया। जिसके बाद प्रफुल्ल दूसरी जगह जाकर चाय के साथ नाश्ते, शेक, कॉफ़ी और चाय की कुछ किस्मों की शुरुआत की। आमदनी बढ़ने पर प्रफुल्ल 2019 में 300 वर्गफुट क्षेत्र में एक रेस्तरां खोले। उन्होंने बहुत से लोगों को रोजगार भी दिया। उन्होंने दूसरों के लिए यही सलाह दिया कि अपने सपनों पर विश्वास अवश्य करें तभी आप अपनी ज़िन्दगी में सफल हो सकते हैं।

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