बिना कुंडली देखे इन संकेतों से जानें आपके ऊपर कौन सा ग्रह का है अशुभ प्रभाव

समाज

ज्योतिषशास्त्र में सभी नौ ग्रहों की विशेष भूमिका होती है। सभी ग्रह शुभ और अशुभ दोनों तरह के फल प्रदान करते हैं। कौन सा ग्रह आपके लिए शुभ है या अशुभ यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति कैसी है, ग्रह किस भाव में विचरण कर रहे हैं और ग्रहों की द्दष्टि कैसी है। किसी व्यक्ति की कुंडली को देखकर कोई ज्योतिषी जातक के ऊपर किस ग्रह का प्रभाव अच्छा है और कौन सा ग्रह आपको अशुभ फल प्रदान कर रहा है इसके बारे में बताता है.

चंद्रमा
चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। चंद्रमा के कमजोर होने पर व्यक्ति को भय महसूस होता है। व्यक्ति को मानसिक परेशानियां भी रहती हैं। चंद्रमा की अशुभता के कारण मां का स्वास्थ सही नहीं रहता है।

गुरु
गुरु को सुख समृद्धि और सफलता का कारक माना जाता है। गुरु की अशुभता होने पर शिक्षा और कार्यक्षेत्र में परेशानियां आती हैं साथ ही विवाह में भी बाधाएं आने लगती हैं।

मंगल
मंगल को साहस और पराक्रम का कारक ग्रह माना गया है। मंगल की अशुभता होने पर व्यक्ति को अत्यधिक क्रोध आता है और भाईयों से झगड़ा बना रहता है।

राहु-केतु
राहु और केतु छाया ग्रह हैं इन्हें किसी राशि का स्वामित्व प्राप्त नहीं है, लेकिन फिर भी ये व्यापक रूप से जीवन को प्रभावित करते हैं। राहु-केतु की अशुभता होने पर व्यक्ति गलत कार्यों और नशीली चीजों की ओर अग्रसर होता है।

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शनि
शनि के अशुभ होने के कारण व्यक्ति को पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक तीनों तरह से परेशानियां उठानी पड़ती हैं।

शुक्र
यदि किसी की कुंडली में शुक्र की स्थिति सही न हो तो उसे धन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, साथ ही प्रेम संबंधों और पति-पत्नी के रिश्ते में भी कड़वाहट आती है।

सूर्य
जिन लोगों की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होती है, उसके पिता के साथ संबंध अच्छे नहीं रहते हैं। सूर्य के कारण त्वचा संबंधी रोग लगे रहते हैं।

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