लॉकडाउन में जॉब जाने के बाद एक कारपेंटर ने बनाई eco friendly cycle , अब विदेश से भी आरहे है आर्डर

समाज

जहा लॉकडाउन में लोगो की जइब छूटी और भोत से युवा और काम करने वाले लोग बेरोजगार हो गए और कुछ लोग इस वजह से डिप्रेशन में चले गए वही पंजाब के जीरकपुर के रहने वाले हैं, 40 वर्षीय कारपेंटर धनीराम सग्गू। लॉक डाउन की वज़ह से उनकी जॉब छूट गई। जॉब छूटने के बाद उन्होंने डिप्रेशन में ना आकर कुछ इनोवेटिव सोचा और तैयार किया हाथ से बनी हुई लकड़ी से बनी इको फ्रेंडली साइकिल (eco-friendly cycle).

रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन में जब उनकी जॉब चली गई तो वह निराशा के बदले कुछ ऐसे आईडियाज़ के बारे में सोचने लगे जो लोगों के और पर्यावरण के हित में हो और उन्होंने लकड़ी से बनी इको फ्रेंडली साइकिल (eco-friendly cycle) बनाने की सोची। वैसे तो उनकी एक दुकान भी चलती है नूर इंटीरियर के नाम से जिसमें दरवाजों से लेकर कपबोर्डस इत्यादि का काम चलता है। वहीं से उन्हें ऐसी साइकिल बनाने का आइडिया आया।

कैसे बनाई साइकिल (eco-friendly cycle)?
इसके लिए उन्होंने वैसे लोगों के कामों को बारीकी से देखा और सीखा जो साइकिल बनाने का काम करते हैं। उसके बाद उन्होंने अपना एक ब्लूप्रिंट तैयार किया। फिर संसाधनों की कमी की वज़ह से उन्होंने अपनी एक पुरानी साइकिल के कुछ पार्ट्स जैसे-पैडल, रिम, सीट और साइड स्टैंड इत्यादि को उपयोग में लाया और लोहे की बॉडी के बदले उन्होंने लकड़ी की बॉडी तैयार किया और सारे पार्ट्स को जोड़कर वुडन साइकिल तैयार किया। इसमें उन्हें करीब एक महीने का समय लगा। उनकी पहली बनाई हुई यह साइकिल पीजीआईएमईआर के एक प्रशासनिक अधिकारी राकेश सिंह को इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत ही इसे खरीद लिया।

उनकी इस साइकिल के अगर ख़ासीयत की बात की जाए तो यह एक इको फ्रेंडली साइकिल (eco-friendly cycle) है जो एक दिन में करीब 25 किलोमीटर तक चल सकती है। उनके इस वुडन साइकिल का वज़न लगभग 20 से 22 किलोग्राम है। लेकिन सग्गू ने बताया कि पहली साइकिल बनाने के बाद उन्होंने कैनेडियन लकड़ी का उपयोग किया जो काफ़ी हल्की सस्ती और टिकाऊ भी होती है। लेकिन आगे इसलिए वह और भी हल्का करने का प्रयास कर रहे हैं आने वाले दिनों में वे इसे और भी एडवांस बनाएंगे और गियर का भी इस्तेमाल करेंगे।

धनीराम जग्गू अब तक आठ साइकिल बेच चुके हैं। उनकी एक साइकिल को लगभग पंद्रह हज़ार में बेची जा रही है। इस साइकिल के लिए दिल्ली, जालंधर के अलावा दक्षिण अफ्रीका और कनाडा जैसे देशों से भी ख़ूब ऑर्डर आ रहे हैं। लोगों द्वारा उनकी बनाई हुई इस साईकिल की काफ़ी तारीफें भी की जा रही है। फ़िलहाल वह और भी कई इको फ्रेंडली साइकिल (eco-friendly cycle) पर काम कर रहे हैं और उन्हें कुछ साइकिल के कंपनी से ऑफर भी आ रहे हैं।

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