सिपाही बने मसीहा , घायल पड़ी महिला को स्ट्रेचर पर 4 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचाया हस्पताल

समाज

अधिकतर हम लोग देखते है की पोलिसवाले ऐसे है किसी की मदद नहीं करते है , भ्रष्टाचार करते है। पर बहुत सी जगहों पर हम देखते है यही सिपाही एक मसीहा की तरह हमारी देख भाल , और हमारी मदद करते है। फिर चाहे इन्हे अपनी जान भी क्यों न डाव पर लगनी पढ़े। वो कहते है न कि पांचो उंगलिया बराबर नहीं होती। वैसे ही सभी पुलिस वाले बुरे और भ्रष्ट नहीं होते , आये आपको ऐसे ही सिपाहियों कि सच्ची घटना कि कहानी बताते है।

महाराष्ट्र में पश्चिमी घाट के खंडाला और कर्जत संभाग के बीच रेलवे पटरी पर जख्मी हालत में मिली एक महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिसकर्मियों का एक दल उसे अस्थाई स्ट्रेचर पर लाद कर चार किलोमीटर पर पैदल चला।अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि महिला का अब पुणे के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है। रेलवे पुलिस के मुताबिक, आशा वाघमारे (42) जामरंग संभाग में रेलवे पटरियों के पास जख्मी हालत में मिली थी।पहाड़ी इलाके से महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए चार पुलिसकर्मियों के दल ने बांस और साड़ी की मदद से जुगाड़ करके स्ट्रेचर बनाया। बाद में वे महिला को एम्बुलेंस से कर्जत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ले गए।

ट्रेन से टकराने के बाद पटरी के पास लेटी थी महिला
लोनावला रेलवे पुलिस के उपनिरीक्षक विष्णु गोसावी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘सोमवार को लोनावला रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने सूचित किया कि जामरंग संभाग में रेलवे पटरियों पर एक महिला जख्मी हालत में पड़ी हुई है।उन्होंने बताया कि चूंकि वह जगह लोनावला से करीब 20-22 किलोमीटर दूर है, इसलिए नजदीकी रेलवे स्टेशन कर्जत को सूचना दी गई। वहां से पुलिसकर्मियों और कुलियों का एक दल तुरंत स्टेशन पर पहुंच गया। गोसावी ने बताया कि महिला की पीठ में चोट आई और वह पटरियों के पास पड़ी हुई थी।

पहाड़ी इलाका होने और दूसरी ओर खाई होने के कारण महिला को किसी वाहन से अस्पताल पहुंचाना संभव नहीं था। ऐसे में बिना समय गंवाए, बेझिझक पुलिसकर्मियों ने एक साड़ी और बांस की मदद से जुगाड़ करके स्ट्रेचर तैयार किया और चार किलोमीटर पैदल चलकर पलासधारी रेलवे स्टेशन पहुंचे।’ इस बीच पलासधारी स्टेशन पर एम्बुलेंस का इंतजाम कर दिया गया था।

रेलवे पुलिस ने इस पहल के लिए सराहा
पुलिसकर्मियों ने महिला को एम्बुलेंस से कर्जत स्थित अस्पताल पहुंचाया। वहां से बाद से उसे आगे के इलाज के लिए पुणे स्थित ससून अस्पताल ले जाया गया। अधिकारी ने बताया, ‘‘महिला से प्राप्त सूचना के अनुसार, घाट क्षेत्र में वह पटरियां पार करने की कोशिश कर रही थी, उसी दौरान ट्रेन की चपेट में आकर वह जख्मी हो गई। महिला के परिजनों को सूचना भेज दी गई है। रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बचाव दल की तारीफ की है जिसमें पुलिसकर्मी पीएम सरकाले, डीके गंगुरदे, एमपी गायकवाड, पीए तुरदार और एक होमगार्ड शामिल हैं।

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