हिन्दू मान्यताओं के अनुसार अगर आप भी जलाते है इन पेड़ो के निचे दिए तो आपकी भी ग्रह और परेशानियां हो सकती है ठीक

समाज

हिन्दू धार में मान्यता है की कोई भी काम शुरू करने से पहले पूजा पाठ और धार्मिक चीजे शुरू करने से पहले दीपक जरूर जलाया जाता है, हमारे धर्मो में पेड़ के निचे दिए जलने की भी परंपरा है। इसके दो महत्व है धार्मिक और ज्योतिष दोनों। कुछ पेड़ो के निचे दिए जलने से हमारे वास्तु और निजी जीवन की समस्याएं दूर होती है ऐसी मान्यता है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही पेड़-पौधों के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार है…

तुलसी
धर्म शास्त्रों में तुलसी के पौधे के नीचे शाम को दीपक जलाने का बहुत महत्व माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से को उस स्थान विशेष पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ता है और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। ज्यादातर लोग तुलसी में ऐसे ही दीपक प्रज्वलित कर देते हैं लेकिन तुलसी में दीपक प्रज्वलित करते हुए उसे चावल का आसन देना चाहिए और रोज शाम को दीपक जलाना चाहिए।
केला
प्रत्येक गुरुवार को केले के पेड़ के नीचे दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। इससे बृहस्पतिदेव की कृपा बनी रहती है। यदि आप भी केले के वृक्ष में तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि शुद्ध घी का दीपक ही प्रज्वलित करना चाहिए।

पीपल
शनिवार को पीपल के नीचे दीपक हमेशा या तो सूर्यास्त के बाद या फिर सूर्योदय से पहले जलाना चाहिए। इसके साथ ही प्रत्येक अमावस्या को रात्रि में पीपल के नीचे शुद्ध घी का दीपक जलाने से पितर प्रसन्न होते हैं, जिससे घर में खुशहाली आती है। मान्यता है कि यदि नियमित रूप से लगातार 41 दिनों तक पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित किया जाए तो सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

आंवला
धर्म ग्रथों में आंवला को भी पूजनीय वृक्ष बताया गया है। रोज शाम को इसके नीचे शुद्ध घी का दीपक लगाना चाहिए। इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन संबंधी समस्याओं का निदान होता है।
शमी
ये पेड़ शनिदेव से संबंधित है। शनि दोष के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शमी वृक्ष के नीचे रोज दीपक जलाना चाहिए। रोज दीपक न लगा पाएं तो प्रत्येक शनिवार को ऐसा करना चाहिए।
 

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