87 वर्ष के बुजुर्ग अंकल कपड़ों के टुकड़े कट्ठा कहते हैं दर्जियों से और थैला सिल बेचते हे 40 -60 में

समाज

हमारे देश में अभी भी कई ऐसे लोग मौजूद हैं जो निस्वार्थ भाव से भी विदेश की सेवा करना चाहते हैं उन्हीं में से एक हैं जोशी अंकल। जो इतने बुजुर्ग होने के बावजूद भी अपने लग्न मैंने तो प्रयास में कोई कमी नहीं छोड़ते हैं हर संभव चीज करने की कोशिश करते हैं। वह जहां कई लोग सिर्फ दूसरों की मदद की आस लगाए बैठे रहते हैं तुम्हें कुछ लोग ऐसे होते हैं। जो मदद को निकल पड़ते हैं जो अपने उम्र के आखिरी पड़ाव में भी अपनी रोजी-रोटी खुद ही चलाते हैं और किसी पर निर्भर नहीं रहते हैं अपने जीवन व्यतीत करने के लिए।

जोशी अंकल कपड़ों के टुकड़ों को इकट्ठा कर सिलते हैं थैला

मुंबई वाले जोशी अंकल का नाम ऐसे कर्मठ और मेहनती लोगों में आता है, जो आत्मनिर्भर भारत का एक बेहतरीन नमूना पेश कर रहे हैं। वो 87 साल की उम्र में भी शहर में घूम घूम कर दर्जियों के दुकानों से कपड़ो के टुकड़ों को इकठ्ठा करते हैं और उन टुकड़ों को जोड़कर उससे ख़ुद थैला बनाते हैं।

कितनी कीमत होती है थैलों की?

जोशी अंकल जो कपड़ों को जोड़ जोड़ कर थैला सिलते हैं, वह उन्हें 40 से 60 रुपए में लोगों से बेचते हैं। और इसी से अपना और अपने परिवार का खर्च चलाते हैं। ये अपने बनाए हुए थैलों को मुंबई के Phadke road Dombivli में घूम- घूम कर बेचते हैं।

बाक़ी कहानियों की तरह इनकी भी कहानी को लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। जो अभी भी अपनी उम्र को दरकिनार कर अपनी मेहनत से पैसे कमा रहे हैं। हमारी भी लोगों से यही गुज़ारिश है कि अगर आप मुंबई या उसके आसपास के क्षेत्र में रहते हैं तो आप भी इनसे ज़रूर स्वदेशी थैला खरीदें। ताकि इन्हें खुशी के साथ-साथ आर्थिक मदद भी मिल सके।

अगर आप भी जोशी अंकल से थैले खरीदना चाहते हैं तो आप इस नम्बर पर उनसे सम्पर्क भी कर सकते हैं: – 8291036120

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