SI पिता मारता है सलूट अपनी डीएसपी बेटी को ,घर आकर भोजन करते हैं अपने बेटी के हाथ का ही, एक ही पुलिस थाने में तैनात है दोनों

समाज

हर एक माता पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा अच्छा नाम कमा इस दुनिया में और उनका नाम गर्व से ऊंचा करें लेकिन उनके लिए सबसे कम की बात तो तब होगी। जब एक पीता अपने पुलिस थाने में अपने ही उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बेटी को पद के हैसियत से सैल्यूट मारते होंगे।ऐसा सौभाग्य हर किसी के नसीब में नहीं होता है इस जीवन में।

DSP बेटी को SI पिता मारते हैं सैल्यूट

यह कहानी है मध्य प्रदेश के सीधी जिले के मझौली थाने के सब इंस्पेक्टर (SI) अशरफ अली (Ashraf ali) और उनकी बेटी उप पुलिस अधीक्षक (DSP) शाबेरा अंसारी (Shabera Ansari) की। आपको बता दें तो पिता और बेटी एक ही पुलिस थाने में कार्यरत हैं। पिता सब इंस्पेक्टर के पोस्ट पर हैं तो उनकी बेटी डीएसपी के पोस्ट पर है और इसी कारण हर रोज़ पिता को थाने में अपनी बेटी को ही सैल्यूट मारना पड़ता है।

पिता का गर्व से सीना चौड़ा हो जाता है

अपनी ही बेटी को सैल्यूट मारते समय पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है और उनकी यही लाडली बेटी घर जाकर अपने हाथों से खाना बनाती है और अपने पिता को खिलाती है। इन दोनों की एक ही जगह पोस्टिंग होने के पीछे का कारण है लॉकडाउन।

मध्य प्रदेश में कार्यरत हैं पिता और पुत्री

अशरफ अली मूल रूप से यूपी के उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले हैं। लॉकडाउन के पहले वह मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के लसूड़िया थाने में सब इंस्पेक्टर के पद पर अपनी सेवा दे रहे थे। तो वहीं दूसरी ओर अशरफ अली की बेटी शबेरा अंसारी बतौर प्रशिक्षु डीएसपी सीधी जिले के आदिवासी बाहुल्य पुलिस थाना मझौली में प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं।

लॉकडाउन में बेटी के पास ही फंस गए थे पिता

पिछले दिनों एसआई (SI) अशरफ अली बलिया गए थे। जब वह इंदौर डयूटी पर लौट रहे थे तब वह अपनी बेटी से मिलने सीधी जिले पहुँच गए और इसी दौरान COVID 19 के कारण पूरे देश में लॉकडाउन घोषणा हो गई। जिसकी वज़ह से अशरफ अली अपनी बेटी के पास ही फंस गए। लॉकडाउन लंबा होने के कारण पुलिस मुख्यालय ने उन्हें वहीं के स्थानीय थाने मझौली में ही ड्यूटी करने का आदेश दे दिया।

20-20 घंटे दोनों अपनी सेवाएँ दे रहे हैं

जिस मझौली पुलिस थाने में उनकी ड्यूटी लगाई गई उस पुलिस थाने की इंचार्ज उनकी बेटी शाबेरा अंसारी ही है। ऐसे में पिता-बेटी एक ही पुलिस थाने में अपनी-अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। एक कोरोना वॉरियर्स के रूप में दोनों कोरोना वायरस के खिलाफ मोर्चा संभाल रहें है। दोनों बाप बेटी बीस-बीस घंटे तक अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

बेटी भी पहले एसआई के पद पर चयनित हुई थी

जानकारी के लिए आपको बता दे कि शाबिरा अंसारी 2013 में ही सब इंस्पेक्टर (SI) के पद पर चयनित हुई थी। वह मध्य प्रदेश पुलिस में एसआई थी। उसके बाद 2016 में अपनी सेवा देने शुरू कर दी थी। लेकिन एसआई (SI) बनने के साथ-साथ वह पीएससी की तैयारी में भी लगी रहती थी। आखिरकार अपनी मेहनत के दम पर 2016 में शाबिरा अंसारी पीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली और डीएसपी के रूप में उनका 2018 में चयन हो गया। शा बिरा दिसम्बर 2019 से प्रशिक्षण पर है।

फिलहाल दोनों पिता पुत्री एक साथ काम करके अपनी-अपनी नौकरी का मज़ा ले रहे हैं। क्या पता कि फिर कभी ऐसा मौका मिले या ना मिले?

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