20 वर्षों बिताये जद्दोजहद और मशक्कत करते हुए पाकिस्तान में फिर भारत में आखिरकार मिली ही गई उसकी मां

ज्ञान धार्मिक

कोई भी व्यक्ति अगर अपने परिवार से लिखा जाता है तो उसके दुख की कल्पना भी नहीं कर सकता है। एक आम व्यक्ति खुद के हृदय पर क्या गुजर रही होती है यह केवल वही जान सकता है जो कि ऐसी दर्दनाक पीड़ा है गुजरा हो ऐसे ही कहानी हम आज आपको सुनाने वाले हैं जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे और आप भी अपने आप को रोक नहीं पाएंगे इस दर्द भरी कहानी सुनने के बाद। इस कहानी में तो 2-4 सालों की बात नहीं है बल्कि दो दशक यानी लगभग 20 सालों की बात है। यह कहानी है गीता की जो लगभग 20 वर्षों तक अपने देश को छोड़ पाकिस्तान के एक अनाथालय में रही और काफ़ी मशक्कत करने के बाद वह भारत लौट पाई। अभी जानते हैं पूरे वाकये को।

गीता के बारे में जानने के बाद लोग बहुत ज़्यादा भावुक हो जा रहे हैं, क्योंकि उनकी कहानी ही कुछ ऐसी है। गलती से गीता अपने परिवार से बिछड़ कर पाकिस्तान जैसे देश पहुँच गई। कुछ कारण की वज़ह से वह अपने देश भारत नहीं लौट पा रही थी। लेकिन दुर्भाग्यवश अपने देश आने के बाद भी उनके अपनों का पता नहीं चल पा रहा था और इसके लिए उन्हें काफ़ी संघर्ष करना पड़ा तब जाकर वह अपने परिवार वालों से मिल पाई।

20 सालों तक पाकिस्तान के एक अनाथालय में रही

लगभग 20 सालों से पाकिस्तान के एक अनाथालय में रह रही गीता को आज से 6 साल पहले 2015 में काफ़ी मशक्कत करने के बाद भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मदद से गीता को भारत वापस लाया जा सका। गीता जब से भारत वापस लौटी हैं तब से वह इंदौर शहर में रह रही हैं।

24 परिवार वालों ने कहा कि गीता मेरी बेटी है

अपने वतन भारत लौटने के बाद से गीता लगातार अपने परिवार की तलाश में जुटी रही। इस दौरान काफ़ी लोगों ने यह कहा कि गीता मेरी बेटी है, तो किसी ने कहा गीता मेरी बेटी है। लेकिन इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिल पा रहा था कि आख़िर गीता किसकी बेटी है। इस दौरान एक दो नहीं बल्कि 24 परिवार वालों ने यह कहा कि गीता मेरी बेटी है। लेकिन इनमें से किसी परिवार वालों का डीएनए गीता से मैच नहीं हो पा रहा था।

अंततः गीता के हौसले और विश्वास के कारण उनके परिवार वाले का पता चला। गीता की माँ का नाम मीना पंधारे हैं, जिन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि गीता उनकी ही बेटी है। क्योंकि गीता की माँ के अनुसार बताए गए कुछ ऐसे निशान थें, जो गीता में पाए गए।

गीता की माँ दीया बेचने का काम करती हैं

गीता की माँ मीना पंधारे दीया बेचने का काम करती हैं और उसी से उनका परिवार चलता है। एक रिपोर्ट के अनुसार ऐसा कहा जा रहा है कि गीता को इस बात का डर भी है कि अगर यह सिद्ध हो गया की वही उनकी माँ हैं, तो उनकी ज़िन्दगी पूरी तरह से बदल जाएगी। गीता की माँ को हिन्दी बिल्कुल समझ नहीं आती। लेकिन जब उन्होंने इनके मराठी में अपनी बेटी का न्यूज़ देखा तो वह उनसे मिलने गई। वैसे गीता इस समय भी महाराष्ट्र के स्किल डेवलपमेंट कैंप में ही रह रही हैं।

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