पिता ने अपने पुश्तैनी घर को बेचकर बेटी की फीस भरी थी ,आज बेटी बन गई है पायलट सबसे छोटी उम्र की

News ज्ञान नौकरी

वह कहावत तो आप सभी लोगों ने सुनी होगी कि अगर आप अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन रात एक कर देते हो तो भगवान भी आपके बीच के परेशानियां हटाकर आपको आपके मंदिर तथा पैसे पहुंचा देता है बस शर्त यह है कि आप की लगन सच्ची होनी चाहिए तो फिर उसके बाद आपको कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता किसी तरीके की बातों को सच कर दिखाया है और अपने पिता का मान सम्मान बढ़ाते हुए गौरवान्वित महसूस कर आया है। ऐसा कुछ कर दिखाया है गुजरात में रहने वाली एक छोटे से किसान की बेटी जिसे पढ़ाने के लिए पिता ने अपने पुश्तैनी जमीन बेच दी थी और आज वह सबसे छोटी उम्र की पायलट बंद कर अपने पिता के सभी संघर्षों का उन्हें फल दिया है।

बेटी को पढ़ाने के लिए भेज देती पुश्तैनी जमीन

गुजरात के सूरत में रहने वाली कांतिभाई पटेल की इकलौती बेटी मैत्री पटेल जो कि आज भारत की जानी-मानी पायलट बन चुके हैं ऐसे में कांतिभाई ने अपने बेटी के सपने को पूरा करने के लिए बैंक में लोन लेने के लिए अर्जी दाखिल करी थी लेकिन उन्हें लोन नहीं मिल पाया जिसकी वजह से बाहर टूट चुके थे और उनके पास कोई और चारा नहीं बचा था इसके बाद कांतिभाई पटेल ने अपनी बेटी के सपने पूरे करने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन बेच देता की बेटी की फीस भरी जाती भाई पटेल की बेटी ने अपने पिता की उम्मीदों पर खड़ी उतरी और अपने पिता का नाम रोशन किया।

मैथिली पटेल की इस कामयाबी के पीछे उनके पिता और उनकी माता का बहुत हाथ है उन्होंने कभी भी अपनी बेटी को कमजोर नहीं पड़ने दिया और हमेशा उसकी हौसला अफजाई तरी उनकी बेटी का पायलट बनने का सपना सच हो गया आपको बता दें कि महत्व पटेल देश की सबसे छोटी और कम उम्र के पायलट बनने वाली लड़की बन चुकी है।

Maitri Patel ने ऐसे हासिल करी कामयाबी

मैथिली पटेल को बचपन से पायलट बनने का शौक था इसीलिए उन्होंने 12वीं की पढ़ाई पूरी करते ही पायलट की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया और अपने माता-पिता को भी इस निर्णय में राशि कर लिया इसके लिए उनके पिता ने जमीन बेची और उन पैसों से मैत्री अमेरिका चली गई अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए जहां पर उन्होंने सिर्फ 11 महीने में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली और अपने सपने को हासिल कर लिया आपको बता दें कि आमतौर पर हमसे फ्लाइट को उड़ाने के लिए पायलट को 18 महीने की ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है तो कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं जो 18 महीने की ट्रेनिंग में भी सही तरीके से पास नहीं हो पाते ऐसे में उनके बढ़ा दिया जाता है लेकिन 8 साल की उम्र में देखा था उसे पूरा करना चाहती थी जीना चाहती थी।

19 साल की उम्र में प्लेन उड़ाने वाली बेटी के संघर्ष के किस्से आज पूरे भारतवर्ष में मशहूर है और इनके जज्बे को पूरा भारत सलाम करता है जिन्होंने सिर्फ अपने माता-पिता का ही नहीं बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है और विदेश में भारत की बेटी के दम दिखाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *