दिल्ली में नई शराब नीति के चलते बार संचालक है परेशान, धंधा हो गया है मंदा

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दिल्ली सरकार जब से नई शराब नीति केलकर आई है तब से दिल्ली में शराब के शौकीन काफिं गमगीन हैं। नई शराब नीति के आने के बाद विवाद के कारण बार और पब में भी शराब नहीं देखने को मिल रही सोमवार को दिल्ली के 400 से अधिक बार व पब में सन्नाटे के साथ मायूसी भी दिखी। इस नीति के तहत जो बार और क्लब शराब बेचते फिर रहे थे उन्हें 31 जुलाई तक ही उन्हें शराब बेचने की अनुमति थी। लाइसेंस की अवधि खत्म होने के बाद सोमवार को बार व पब में शराब नहीं छलके।आपको बता दे कि दिल्ली के मशहूर बार और पार्टी साइड्स जैसे कनाट प्लेस, खान मार्केट, हौजखास, ग्रीन पार्क, साउथ एक्स, बसंत कुंज, कालकाजी व ग्रेटर कैलाश जैसे बार में भी मायूसी छाई रही और लोकप्रिय ठिकाने भी पहले के मुकाबले खामोश रहे। बार के बाहर ड्राई डे या बार बंद हैं जैसे पोस्टर लगे हुए थे।

पीने वालो को नही मिली आज शराब।

इससे वहां पहुंच रहे  सभी पीने वालों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा था। साथ ही कई पार्टी और आयोजन जहां इसके चलते स्थगित करने पड़े तो इस कारण बार संचालकों और बुकिंग कराने वालों में विवाद की भी स्थिति बनी।

लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी से नहीं निकल रहा खर्च।

कनाट प्लेस स्थित एक रेस्तरां व बार संचालक ने कहा कि जबसे नई शराब नीति आई है तब से ही परेशानी है। पहले उन्हें ठेके से शराब पूरी तरह से मिलने में दिक्कत आ रही थी। अब वह मिलना और बेचना दोनों बंद हो गया है। इसी तरह लाइसेंस शुल्क में कई गुना की बढ़ोत्तरी ने उनका खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। इसके चलते कई बार संचालकों ने अपने लाइसेंस पहले ही वापस कर दिए हैं।

बार संचालक बोले, एक पे एक की फ्री स्कीम हो तो बार में पीने कौन आयेगा ?

साउथ एक्स स्थित एक बार संचालक ने यह चिंता जताई कि जब एक पर एक या एक पर दो छूट की स्कीम इंपोर्टेड शराब पर चल रही है तो बार में कौन पीने आएगा। इस स्थिति से उनके कारोबार पर काफी प्रतिकूल असर पड़ा है। बिक्री 30 प्रतिशत तक घट गई थी। अब देखते हैं कि आगे कौन सी नीति आती है।

Riya Pokhriyal

Writer and Editor on online33post.com

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