अब दिल्ली के मेट्रो स्टेशन बनेंगे मल्टीमॉडल इंटिग्रेशन सिस्टम के अंतर्गत, इन 96 स्टेशंस को किया गया है परियोजना के लिए सिलेक्ट। जाने यहां

दिल्ली में लगातार मेट्रो को आवाजाही के लिए सुगम बनाने के चलते कई प्रोजेक्ट्स चलते रहते हैं। मेट्रो स्टेशनों के बाहर यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए उप-राज्यपाल अनिल बैजल के एक और नहीं परियोजना बनाई है और निर्देश पर डीएमआरसी मल्टीमॉडल इंटिग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो स्टेशनों के बाहर जरूरी सुधार कर रही है। अभी तक 96 मेट्रो स्टेशनों को मल्टीमॉडल इंटिग्रेशन सिस्ट कर डिवेलप करने के लिए चुना जा चुका है। उनमें से 61 स्टेशनों पर यह काम पूरा भी हो चुका है। इन 61 स्टेशनों में से 59 स्टेशन फेज-3 में ही बने थे, जबकि अन्य 2 स्टेशन कश्मीरी गेट और छतरपुर हैं, जो फेज-2 में बने थे। अब 10 और स्टेशनों पर मल्टीमॉडल इंटिग्रेशन के लिए डीएमआरसी ने टेंडर जारी किया है। ये स्टेशन मेट्रो के फेज-1 और 2 में अलग-अलग लाइनों पर बने थे। यहां मल्टीमॉडल इंटिग्रेशन के लिए किए जाने वाले काम पर करीब 24.28 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। यह काम इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

 

इन 10 स्टेशनों पर चल रहा है काम।

जिन 10 स्टेशनों के लिए अभी टेंडर जारी किया गया है, उनमें जनकपुरी ईस्ट, उत्तम नगर वेस्ट, द्वारका मोड़, नेहरू प्लेस, नवादा, शाहदरा, शास्त्री पार्क, शास्त्री नगर, जहांगीरपुरी और करोल बाग मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इनके अलावा 25 और स्टेशनों को चिह्नित किया गया है, जहां मल्टीमॉडल इंटिग्रेशन का काम शुरू करने के लिए सर्वे किया गया है। अब काम शुरू करने के लिए तमाम एजेंसियों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही है। डीएमआरसी का मानना है कि इससे लास्ट माइल कनेक्टिविटी को सुधारने में भी मदद मिलेगी और लोग रिक्शे, ऑटो, टेंपो, कैब या फीडर बस लेकर आस-पास की कॉलोनियों से मेट्रो स्टेशनों तक आसानी से आ-जा सकेंगे।

दिल्ली मेट्रो के प्रिंसिपल एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल बोले

 

दिल्ली मेट्रो के प्रिंसिपल एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल के मुताबिक, मल्टीमॉडल इंटिग्रेशन शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा के अधिकतम इस्तेमाल को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। डीएमआरसी अपने अधिकतम स्टेशनों पर यह सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रयास कर रही है।  इस काम के जरिए यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने के साथ-साथ जरिए स्टेशन परिसर के बाहरी हिस्से की सुंदरता को और बढ़ाने का प्रयास भी कर रही है, ताकि स्टेशन के बाहर और आस-पास का इलाका साफ-सुथरा, व्यवस्थित और खूबसूरत नजर आए। इसके लिए सभी रेगुलटरी अथॉरिटीज के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।

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