अगर आपको भी पाना है पितृपक्ष के दौरान पाना है मनचाहा वरदान तो जरूर करें इन मंत्रों का जाप

ज्ञान धार्मिक

यह बात तो आप सभी को पता होगी कि इस समय पित्र पक्ष चल रहा है। और इस बात से तो कोई बहन जाना ही होगा कि पितृपक्ष के दौरान चित्रों को पिंडदान किया जाता है पर यह बात तो आप सभी को पता होगी कि हिंदू धर्म में ही पितृपक्ष के दौरान इतनी ज्यादा धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई है हर पूजा में मंत्रों का कुछ खास वर्णन होता है और उससे जुड़ी विशेष कहानियां होती है। ठीक वैसे ही मन्त्रों का श्राद्ध में भी ख़ास महत्व होता है. जी हाँ, वहीँ मन्त्रों के अलावा सूक्त भी हैं जिनका जाप करने से लाभ होते हैं. वैसे दो सूक्त महत्वपूर्ण होते हैं जिनमे पहला है पुरुष सूक्त तथा दूसरा है पितृ सूक्त. वैसे अगर यह उपलब्ध नहीं है और आप इनका पाठ नहीं कर पा रहे हैं तो आप इन मंत्रों के प्रयोग से श्राद्ध कर्म की पूर्णता कर सकते हैं. आज हम आपको कुछ मन्त्र बताने जा रहे हैं जिनके जाप से आप अपने पितृ को खुश कर सकते हैं और उनसे कोई सा भी आशीर्वाद ले सकते हैं.

1. ॐ कुलदेवतायै नम:- 21 बार

2. ॐ कुलदैव्यै नम:- 21 बार

3. ॐ नागदेवतायै नम:- 21 बार

4. ॐ पितृ देवतायै नम:- 108 बार

5. ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्.- 1 लाख बार जाप करना चाहिए.

कहा जाता है इन मन्त्रों का प्रयोग कर पितरों को खुश किया जा सकता है. इस दौरान ब्राह्मण भोजन के लिए ब्राह्मण को बैठाकर पैर धोएं तथा भोजन करवाए. इस दौरान संकल्प भी लें और ब्राह्मण को भोजन करवाकर दक्षिणा,वस्त्रादि दें. अगर आपसे हो सके तो गौ-भूमि भी दान दें, वहीँ अगर न हो तो भूमि-गौ के लिए द्रव्य दें.

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