अगर आपने इन उपायों को अपनाया अपने जीवन में तो ,पूरी होंगे आपके सभी मनोकामना ,खत्म हो जाएंगे जीवन के सारे विघ्न

ज्ञान धार्मिक

भारत देश पूरे विश्व में अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण बहुत यादव का क्षेत्र माना जाता है प्रत्येक साल शुक्ल पक्ष के माघ मास में प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि का आरंभ हो जाता है। इस गुप्त नवरात्रि में प्राथमिक तथा तांत्रिक विधि से अगर आपने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा आराधना की तो आपके जीवन के सभी कष्टों का समापन हो जाएगा और आपका जीवन वापस से सब कुछ हो जाएगा। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, गुप्त नवरात्रि का पर्व प्रत्येक वर्ष दो बार आता है। एक बार माघ मास में तथा दूसरे आषाढ़ मास में। ऐसी प्रथा है कि यदि गुप्त नवरात्रि के चलते कुछ उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी बेहद ही खुश हो जाती हैं और आपकी सारी इच्छाएं पूरी कर देती हैं।

गुप्त नवरात्रि के दौरान इन उपायों को करें:-

1. गुप्त नवरात्रि पर माता लक्ष्मी की आराधना करते वक़्त उन्हें कमल का पुष्प जरूर चढ़ाएं। यदि आपके पास कमल का पुष्प नहीं है तो आप कमल के पुष्प वाली फोटो भी लगा सकते हैं। इससे भी माता लक्ष्मी खुश होती हैं।
2. यदि गुप्त नवरात्रि के चलते सोने अथवा चांदी का सिक्का घर लाते हैं तो माता लक्ष्मी आपकी सभी इच्छाएं पूरी करती हैं। इससे आपके घर में धन एवं सुख-समृद्धि आती है।
3. गुप्त नवरात्रि के चलते माता दुर्गा को लाल रंग के पुष्प चढानें चाहिएं। यदि आपके घर में कोई बीमार है तो वो भी इससे स्वस्थ हो जाता है। साथ ही ऊं क्रीं कालिकायै नम: मंत्र का जाप भी जरूर करना चाहिए। इससे मनुष्य को माता का आशीर्वाद मिलता है।
4. गुप्त नवरात्रि के चलते कर्ज से निजात पाने के लिए माता दुर्गा के सामने गुग्गल की सुगंध वाली धूप जलाएं। इससे कर्ज से मुक्ति प्राप्त हो जाती है।
5. गुप्त नवरात्रि के दौरान घर में मोरपंख लगाना बेहद ही शुभ माना जाता है। मोर भी माता लक्ष्मी की ही सवारी है। मोर पंख को घर पर लाने से आपके घर में माता लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है।

भूलकर भी न करें ये गलतियां:-

1. पूजा के दौरान चमड़े की चीज का उपयोग नहीं करना चाहिए, न ही अपने आसपास रखें।
2. पूजा करते वक़्त लाल, पीले शुभ रंग के वस्त्र धारण करें, काले कपड़े न पहनें।
3. मांस मदिरा तथा शराब के सेवन से बचें। किसी भी प्रकार की हिंसा न करें।
4. किसी से विवाद न करें तथा न ही किसी के लिए अपशब्द कहें। मन में मातारानी का मनन करें।
5. किसी कन्या का अनादर न करें। कन्या को देवी समान माना जाता है।
6. इस के चलते न तो बाल कटवाएं, न दाढ़ी बनवाएं तथा न ही नाखून काटें।
7. अपनी पूजा को पूर्ण रूप से गुप्त रखें।

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