अगर आप करोगे इन दो कार्य को तो हमेशा बनी रहे क्या आपके परिवार में सुख और शांति

ज्ञान धार्मिक

हमारे शास्त्रों और पुरानी कथाओं के अनुसार जो भी व्यक्ति भक्ति के रास्ते पर चलता है वह हमेशा सफल होता है। और अपने जीवन में उची उची बुलंदियां छू कर अपने सभी लक्ष्य में सफल होता है जो भी व्यक्ति अपने दिनचर्या में हमेशा ईश्वर को याद करता है और सच्चे मन और निष्ठा के साथ उनका पूजन करता है उसे हमेशा ही जीवन में सुख और समृद्धि का वास मिलता है।इनका पालन करने से न सिर्फ मनुष्य के स्वास्थ्य बल्कि उसके कर्म भी सुधरते हैं और सौभाग्य प्राप्ति होती है।

गरुड़ पुराण में भी ऐसी ही कुछ आदतों को अपनाने की बात कही गई है, जो मनुष्य की जिंदगी में खुशहाली ला सकती हैं। बता दें कि गरुड़ पुराण को हिन्दू में महापुराण की संज्ञा दी जाती है। ये न सिर्फ जिंदगी जीने के सही तरीके तथा नीति-नियमों के बारे में बताता है, बल्कि मरणोपरांत के क्रिया-कर्म तथा मृत्यु के पश्चात् के हालातों और लोक-परलोक के बारे में भी जानकारी देता है।

1- विवाह संस्कार:-
विवाह संस्कार को शास्त्रों में 16 संस्कारों में से एक माना गया है। ये पुरुषार्थ की प्राप्ति के लिए सबसे अहम संस्कारों में से एक है। इसे एक पवित्र बंधन माना जाता है, जिससे देवी-देवता भी अछूते नहीं हैं। एक पुरुष तथा महिला मिलकर ही जिंदगी की गाड़ी को आगे बढ़ाते हैं। मगर मनुष्य को विवाह हमेशा गुण, विचारों व संस्कारों में बराबरी वाले परिवार में ही करना चाहिए। ऐसी शादी दोनों परिवारों के लिए सुखदायी होता है। ऐसे परिवार में जन्मी संतान भी उच्च कुल की कहलाती है तथा परिवार का नाम रोशन करती है।

2- इंद्रियों पर संयम रखना:-
धर्म शास्त्रों में हमेशा से इंद्रियों को वश में रखने की बात बोली गई है। मनुष्य दुनिया में कर्म करने आया है तथा उसके कुछ कर्तव्य हैं जिन्हें उसे भलीभांति निभाना चाहिए। इसलिए सांसारिक मोह माया तथा मौज मस्ती में इतना न डूब जाएं कि अपने कर्तव्यों को ही करना भूल जाएं। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपनी इंद्रियों को वश में रखना चाहिए।

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