जानिए सावन के तीसरे महीने में भोले को खुश करने का शुभ मुहूर्त और जरूरी मंत्र

ज्ञान धार्मिक

क्या बात आप सभी जरुर जानते होंगे कि सावन के तीसरे महीने का पूजन सबसे महत्वपूर्ण व सबसे शुभ माना जाता है पुरानी मान्यता है कि इस दिन का पूजन पूरे सावन में सबसे अहम होता है और इस दिन भोले शंकर आपकी मुराद सबसे पहले सुनते हैं और उसका फल आपको अवश्य ही मिलता है आपके जीवन में बस आपको सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ उनका पूजन करना होगा उसको पूरी विधि और विधान हम आपको इस आर्टिकल में बताने वाले हैं

आज सावन के तीसरे सोमवार और हरियाली अमावस्या से जुड़ीं विशेष बातें 

दिन : सोमवार, सावन माह, कृष्ण पक्ष, अमावस्या।
अमृत काल : शाम को 06 बजकर 59 मिनट से रात को 08 बजकर 34 मिनट तक अमृत काल रहेगा।
अभिजित मुहूर्त : दोपहर 12:00 बजे से 12 बजकर 55 मिनट तक अभिजित मुहूर्त रहेगा।
विजय मुहूर्त : आज दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से दोपहर 03 बजकर 39 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा।
आज का दिशाशूल: पूर्व।
सर्वार्थ सिद्धि योग: रात 09 बजकर 21 मिनट से अगले दिन यानी कि 21 जुलाई को सुबह 05 बजकर 36 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

इस मंत्र से प्रसन्न होंगे शिव जी 

भगवान शिव का एक नाम भोलेनाथ भी है और उन्हें भोले भंडारी भी कहा जाता है। कहा जाता है कि शिव जी एक लौटा जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं और उन्हें प्रसन्न करना काफी आसान है। आज के दिन भक्तों को शिव जी के पूजन से पूर्व खुद को स्नान आदि से स्वच्छ कर लेना चाहिए। इसके बाद शिवलिंग का घर या फिर मंदिर में विधिपूर्वक जलाभिषेक करना चाहिए। शिव जी को जल, दूध, पुष्प, बेलपत्र, चंदन, आदि प्रमुख रूप से अर्पित करना चाहिए। यूं तो शिव जी के कई मन्त्र हैं, परन्तु उन्हें सबसे प्रिय मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का है। यह बोलने में भी काफी आसान है। जलाभिषके के दौरान इसका निरंतर जाप करते रहें।

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