निर्जल एकादशी है 21 जून को ,जानिए इस पावन पर्व से जुड़ी 10 अहम बातें

ज्ञान धार्मिक

आने वाले 1 जून को हिंदू धर्म के हिसाब से एक अहम दिन आने वाला है जिसके लिए पूरे साल भर से भक्तगण इंतजार करते रहते हैं और इस पावन बेला का इंतजार करते हैं ताकि वह अपने प्रभु को प्रसन्न कर उनसे अपना मनचाहा वरदान मांग सके और अपने जीवन के सभी दुख दूर कर ले हमसे हमेशा के लिए छुटकारा पाएं और एक सुखद जीवन की शुरुआत करें। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं निर्जला एकादशी से जुडी दस प्रमुख बातें।

आप सभी को बता दें कि एकादशी का व्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ और उत्तम फल प्रदान करता है। वहीँ निर्जला एकादशी व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक कहा जाता है। जी दरअसल इस व्रत में अन्न और जल का त्याग किया जाता है। इस दिन जल की एक बूंद भी ग्रहण नहीं की जाती है।

निर्जला एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त

निर्जला एकादशी तिथि: 21 जून 2021

एकादशी तिथि प्रारंभ: 20 जून, रविवार को शाम 4 बजकर 21 मिनट से शुरू

एकादशी तिथि समापन: 21 जून, सोमवार को दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक

एकादशी व्रत का पारण समय: 22 जून, सोमवार को सुबह 5 बजकर 13 मिनट से 8 बजकर 1 मिनट तक

निर्जला एकादशी व्रत से जुड़ी दस प्रमुख बातें-

* निर्जला एकादशी व्रत में सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए।

* स्वच्छता के नियमों का ध्यान रखे।

* निर्जला एकादशी व्रत में पीले रंग का प्रयोग करें।

* भगवान विष्णु को पीला रंग अधिक प्रिय है।

* एकादशी के दिन चावल ग्रहण ना करें।

* एकादशी व्रत में सुबह और शाम पूजा करें।

* एकादशी के दिन रात्रि में भजन कीर्तिन करें।

* निर्जला एकादशी व्रत में ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।

* निर्जला एकादशी व्रत में काम, क्रोध से बचे।

* निर्जला एकादशी व्रत का पारण नियम से करें और दान करें।

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