बिना किसी कोचिंग की मदद से अपनी मेहनत की बदौलत बनी दूसरे प्रयास में IAS अधिकारी, हासिल कारी 70 वी रैंक बिना किसी कोचिंग की मदद से अपनी मेहनत की बदौलत बनी दूसरे प्रयास में IAS अधिकारी, हासिल कारी 70 वी रैंक …………..

ज्ञान समाचार समाज

यूपीएससी की परीक्षा को पास करने का सपना लाखों-करोड़ों लोगों को होता है लेकिन ये कैसा सपना है जिसे पाने के लिए अभ्यर्थी को अपने सालों का प्रयास देना पड़ता है और लगातार दिन-रात एक कर देनी पड़ती है उसके बाद भी कुछ अभ्यर्थी ऐसे होते हैं जिन्हें सफलता नहीं मिल पाती यह एक ऐसी परीक्षा है भगत की बात करना है घर अपना होता है लेकिन कुछ लोग उस अनमोल सपने को जी पाते हैं। आज हम आप सभी लोगों को एक ऐसी लड़की की कहानी सुनाने वाले हैं जिन्होंने बिना किसी कोचिंग की मदद से अपने प्रयास और दिन-रात की मेहनत के बदौलत आईएएस अधिकारी बन दिखाइए और अपने परिवार का नाम रोशन किया।

आईएएस सलोनी वर्मा

झारखंड के जमशेदपुर की रहने वाली हैं आईएएस अधिकारी सलोनी वर्मा जो कि एक मध्यम परिवार से तालुकात रखते हैं और स धोनी ने अपने शुरुआती पड़े जमशेदपुर से ही पूरी करेंऔर उसके आगे की पढ़ाई के लिए वह दिल्ली आ गई वहां पर आने के बाद उन्होंने अपने इंटरमीडिएट और हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करी जहां पर हमने अच्छे मांस खाते थे उसके बाद ही उनके इतने लंबे सफर की शुरुआत शुरू हुई। इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करी और उसी के साथ साथ उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करने की शुरू कर दी और निर्णय लिया था कि भाई आईएएस अधिकारी बनेगी और उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्था की मदद से यह कीर्तिमान हासिल करें और अपने सपने को साकार किया।

सलोनी बर्मा फॉर यूपीएससी की परीक्षा में अपने पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली लेकिन वह बिल्कुल भी निराश नहीं हुई और पूरे परिवार के साथ उन्होंने दूसरी परीक्षा दी जाए और उन्हें सफलता मिली और उन्होंने अपने सपने को साकार किया और वह करोड़ों हिंदुस्तानियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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