बुढ़ापे के समय में बुजुर्ग के साथ छोड़ा उसके बेटों में, अब दर-दर भटक रहे पेंटिंग बेचने के लिए ताकि अपना पेट भर सके

ज्ञान समाचार समाज

यह दुनिया कितनी बेरहम होती जा रही है इस बात से तो आप सब भी अवगत होंगे क्योंकि आए दिन ऐसे किस्से सामने आते रहते हैं जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाती है आज हम आपको ऐसा ही एक किस्सा सुनाने वाले हैं। जो कि आजकल काफी सुर्खियों में बना हुआ है इस घटना को सुनने के बाद आप सभी की आंखों से आंसू नहीं रुकेंगे क्योंकि यह बात ही कुछ ऐसी है बुढ़ापे में हर मां बाप का इकलौता सारा उसके बच्चे होते हैं। लेकिन कोरोना महामारी और लॉकडाउन के इस दौर में एक समय की रोटी जुटाना मुश्किल हो गया है.

ऐसे में एक ट्विटर यूजर ने इस बुजुर्ग आर्टिस्ट की कहानी इंटरनेट पर शेयर करते हुए लोगों से गुजारिश की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में उनकी पेंटिंग खरीदें ताकि उनके जीवन की दिक्कतें थोड़ी कम हो सकें. वैसे तो हम सभी सोशल मीडिया की ताकत जानते ही हैं. लेकिन फिर भी आप को बता दें कि, अब इस बेसहारा पिता की पेंटिंग की पहचान सोशल मीडिया पर दूर-दूर तक वायरल हो चुकी है. तो आइए एक बार इन्हीं पिता के दर्द की पूरी कहानी जानते हैं..

बच्चों ने छोड़ा बुजुर्ग पिता का साथ तो सोशल मीडिया बना सहारा

दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर कोलकाता के रहने वाले सुनील पाल की एक भावुक कहानी वायरल हो रही है. जिसमें उन्हें उनके बच्चों ने इस उम्र में घर से बाहर निकाल कर दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर कर दिया है. आपको बता दें कि, सुनील पाल को पेंटिंग्स बनाने का बहुत शौक है. इसीलिए उन्होंने इस बेसहारा हालात में खूद की दो वक्त की रोटी के लिए पेंटिंग्स बेचना शुरू कर दिया है. जिसे वो 50-100 रुपये में बेचते हैं.

इस बात की जानकारी एक ट्विटर यूजर ने 24 मई को अपने ट्विटर अकांउट पर शेयर की थी. इसमें उस यूजर्स ने लिखा था “आर्टिस्ट सुनील पाल कोलकाता के गोल पार्क स्थिति Axis Bank के सामने अपनी अद्भुत कलाकृतियों के साथ बैठते हैं, उनके बच्चों ने उन्हें छोड़ दिया है। इसलिए वो जीवनयापन के लिए पेंटिंग्स बना उन्हें 50-100 रुपये में बेचते हैं, इन दिनों रोटी कमाना मुश्किल हो गया है। अगर आप कोलकाता में हैं तो कृपया उनकी पेंटिग्स खरीदें”

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