सभी लोगों के लिए काल बने कोरोनावायरस को ख़त्म कर सकता है कालाष्टमी व्रत, जानिए इसके बारे में

ज्ञान धार्मिक

इस बात से तो आप सभी वाकिफ होने की कोरोनावायरस के कारण हमारे देश को कितनी महामारी से गुजरना पड़ा है और लोगों ने अपना कितना सब खो दिया है इस वायरस के चलते। लेकिन क्या आपको पता है एक व्रत ऐसा है जिसे करने से यह सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी। बस आपको पूरे मन और विधि विधान के साथ इस व्रत को पूरा करना होगा और इंतजार का फल करना होगा। इस दिन रात मे देवी काली की भी पूजा की जाती है. अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं इस दिन की व्रत कथा जिसके बिना आपका व्रत पूर्ण नहीं हो सकता हैं. आइए जानते हैं.

कालाष्टमी व्रत कथा – एक दिन भगवान ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठ होने पर विवाद उत्पन्न हुआ. विवाद के समाधान के लिए सभी देवता और मुनि भगवान शिव के पास पहुंचे. सभी देवताओं और मुनि की सहमति से शिवजी को श्रेष्ठ माना जाता हैं मगर ब्रह्मा जी इससे सहमत नहीं हुए. ब्रह्माजी, शिवजी का अपमान करने लगे. अपमानजनक बातें सुनकर भगवान शिव को क्रोध आ गया, जिससे कालभैरव का जन्म हुआ. उसी दिन से कालाष्टमी का पर्व शिव के रुद्र अवतार कालभैरव के जन्म के दिन के रूप में मनाया जाने लगा.

आप सभी को बता दें कि कालाष्टमी व्रत बहुत ही फलदायी माना गया हैं इस दिन व्रत रखकर पूरे विधि विधान से भैरव बाबा की पूजा करने से जातक के सभी कष्ट मिट जाते हैं और काल उससे दूर हो जाता हैं. इसके अलावा मनुष्य रोगों से भी दूर रहता हैं. इस समय फैले कोरोना वायरस से बचाव के लिए भी आप इस दिन व्रत रख सकते हैं क्योंकि यह काल को टाल देता है.

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