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अपने आपको सोशल मीडिया से दूर करके , मेहनत कर बनी IAS ऑफिसर पहले थी IPS के पद पर

इंसान बहुत जिज्ञासु और आकांशी होता है जिसको कभी संतुष्टि नहीं मिलती है उसको जीवन में सफलता की भूक होती है जो होनी भी चाहिए तभी तो एक कामयाब इंसान बन पाओगे। आज हम आपको ऐसी लड़की की कहानी बताने जा रहे है , जिसने सोशल मीडिया को पहले अलविदा कहा फिर UPSC की तैयारी कर बनी आईपीएस अफसर फिर उसके बाद बनी IAS अफसर चलिए जानते है इनके बारे में

मध्यप्रदेश के एक छोटे से क्षेत्र खरगोन की रहने वाली गरिमा अग्रवाल (IAS Garima Agarwal) ने भी अपनी लग्न और मज़बूत इरादों से एक बार नहीं बल्कि दो बार मनचाही सफलता हासिल की, जिससे सभी को प्रेरणा मिलती है। गरिमा पहले ही प्रयास में UPSC की परीक्षा पास कर ली थी और वे IPS बन गईं, पर चूंकि उन्हें IAS बनना था इसलिए उन्होंने IPS की ट्रेनिंग के साथ ही पढ़ाई करते हुए फिर से UPSC का एग्जाम दिया और इसमें टॉप करके IPS Officer बनीं। हालांकि उनका बैकग्राउंड अच्छा रहा और उनके परिवार ने भी उनका हर फैसले में साथ दिया, लेकिन इस परीक्षा में बैकग्राउंड से ज़्यादा मायने रखता है आपके इरादे, लगन, मेहनत और सही रणनीति, तभी आपको कामयाबी मिल सकती है।

हिंदी मीडियम से पढ़ीं लेकिन ब्रिलिएंट स्टूडेंट रहीं गरिमा
अक्सर लोग का करते हैं कि हिन्दी मीडियम से पढ़ाई करने का कोई मतलब नहीं है यह तुम्हारे कैरियर में काम नहीं आएगी। अगर अच्छी पोस्ट प्राप्त करनी है तो इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई करना ज़रूरी है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है, गरिमा ने भी उनके तालुका से ही हिन्दी मीडियम स्कूल में पढ़ाई की और वह सफलता प्राप्त की जो इंग्लिश मीडियम के बच्चे भी नहीं पा सकते हैं।

गरिमा शुरू से ही पढ़ाई में बहुत अच्छी थीं। दसवीं कक्षा में उन्होंने 92 % मार्क्स और बारहवीं में 89 % मार्क्स प्राप्त किए थे। इतना ही नहीं, बोर्ड के एग्जाम में इनका बहुत अच्छा रिजल्ट आने की वज़ह उन्हें रोटरी इंटरनेशनल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत 1 वर्ष की हायर सेकेंडरी एजुकेशन मिनेसोटा, अमेरिका में पूरी करने की उपलब्धि प्राप्त हुई।

शिक्षित और सभ्य परिवार से सम्बंध रखती हैं IAS Garima Agarwal
गरिमा को ऐसे दिक्कत नहीं झेलनी पड़ी जो अक्सर घर में अशिक्षित वातावरण की वज़ह से होती हैं, क्योंकि इनका परिवार नए विचारों वाला और पढ़ाई का महत्त्व समझता है। इनकी माँ किरण अग्रवाल एक होममेकर हैं और पिताजी श्री कल्याण अग्रवाल बिजनेस मैन और समाज सेवी हैं। इनकी बड़ी बहन प्रीती अग्रवाल ने भी वर्ष 2013 में UPSC का एग्जाम पास किया और वे इंडियन पोस्टल सर्विस में काम कर रही हैं। उनके पति शेखर गिरिडीह भी एक IRS ऑफिसर हैं।

इस प्रकार से परिवार में यूपीएससी परीक्षा कई लोगों ने पास की थी तो गरिमा को भी उनसे मोटिवेशन मिला, लेकिन परिवार वाले से मोटिवेशन ही दे सकते हैं पढ़ाई तो आपको ख़ुद को करनी होती है। इसी सम्बंध में एक इंटरव्यू के दौरान गरिमा कहती हैं कि “आपके परिवार के लोग इसी सेवा में होते हैं इस बात का लाभ आपको मिलता है पर पढ़ना आपको ही पड़ता है, मेहनत आप ही करते हैं और हर तरह का संघर्ष आपका ही होता है। इससे नहीं बचा जा सकता और अपना सौ प्रतिशत तो देना ही होता है।”

पहले ही प्रयास में पास की UPSC की परीक्षा
गरिमा ने स्कूलिंग पूरी करने के पश्चात जेईई एंट्रेंस एग्जाम दिया और उसमें उनका चयन भी हो गया। फिर उन्होंने IIT हैदराबाद से ग्रेजुएशन पूरी की और जर्मनी से इंटर्नशिप की। जहाँ उनको जॉब का भी ऑफर मिला, लेकिन गरिमा अभी समाज सेवा करना चाहती थी और सिविल सर्विसेज में अपना करियर बनाना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने इस जॉब को नहीं स्वीकारा। फिर इन्होंने डेढ़ साल तक यूपीएससी एग्जाम की तैयारी की और वर्ष 2017 में फर्स्ट टाइम UPSC की परीक्षा दी, जिसमें उनकी 241वीं रैंक बनीं तथा उनका चयन बतौर आईपीएस हो गया।

IPS बनने से गरिमा खुश थीं, लेकिन वे IAS बनना चाहती थीं, इसलिए गरिमा ने IPS की ट्रेनिंग तो शुरू कर दी पर साथ ही एक बार फिर यूपीएससी एग्जाम (UPSC Exam) की तैयारी में जुट गयीं। गरिमा अपनी ट्रेनिंग भी करती रहीं और परीक्षा की तैयारी भी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और अगले वर्ष जब 2018 में उन्होंने UPSC एग्जाम दिया है तो वे सिर्फ़ पास ही नहीं हुई बल्कि 40वीं रैंक के साथ टॉपर लिस्ट में भी अपनी जगह बनाई।

इंग्लिश मीडियम से परीक्षा दी
गरिमा बताती हैं कि उन्होंने हिन्दी मीडियम से पढ़ाई की थी, इसलिए इंग्लिश में एग्जाम देना और इंग्लिश न्यूज़ पेपर पढ़ना उनके लिए सरल नहीं था। शुरुआत में तो इंग्लिश न्यूज़ पेपर पढ़ने में उन्हें 3 घंटे का समय लग जाता था। हिन्दी माध्यम से पढ़ाई करने के बाद भी उन्होंने इंग्लिश में ही एग्जाम दिया क्योंकि, हिन्दी भाषा में उन्हें जैसा स्टडी मैटेरियल चाहिए था वैसा नहीं मिल पा रहा था। हालांकि इंजीनियरिंग करते समय उन्हें ज़्यादा दिक्कत नहीं आई थी क्योंकि इंजीनियरिंग में ज्यादातर कैलकुलेशंस ही रहते थे या फिर कोडिंग।

गरिमा बताती हैं कि UPSC मेन्स में प्रभावशाली उत्तर लिखना ही बड़ी चुनौती होता है। जिसके लिए उन्होंने आंसर लिखने की बहुत प्रेक्टिस की। उन्होंने कहा कि एक दो साल तक पूरी लगन से सिर्फ़ इसी परीक्षा में ध्यान केंद्रित करके तैयारी करें तो आपको कामयाबी ज़रूर मिलेगी।

गरिमा का पहले IPS और फिर IAS ऑफिसर बनने का यह सफ़र सरल नहीं था, कड़ी मेहनत के बाद उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ। चलिए जानते हैं गरिमा के कुछ सक्सेस टिप्स-

यूपीएससी की तैयारी के समय लोग आपको बहुत-सी बुक्स पढ़ने की सलाह देते हैं लेकिन इस तरह आप टॉपिक्स को किताबों में ढूढ़ते रह जाते है जिससे आप अपने मकसद से भटक जाते है इसलिए लिमिटेड बुक्स रखें और ज्‍यादा से ज्‍यादा पढ़ने का प्रयास करें।
परीक्षा की तैयारी के समय ग्रुप डिस्‍क्‍शन करना बहुत आवश्यक होता है। इससे प्रश्नों के कई तरह के उत्तर लिखने का पता चलेगा। इस तरह तैयारी करने से सेल्‍फ स्‍टडी करने की आदत भी बढ़ती है।
अगर आप सच में एकाग्र होकर करना चाहते हैं तो माइंड डिस्‍टर्ब्‍ करने वाली चीजों से बिल्‍कुल दूर रहिये। फेसबुक, इंस्‍टाग्राम, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया साइड से दूरी बनाइये। जिससे आपका कंसंट्रेशन बढ़ेगा। गरिमा ने तैयारी के समय अपने सारे सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए थे।
“एक इंटरव्‍यू के दौरान गरिमा कहती हैं की, जब हनुमान को पर्वत उठाना तो जामवंत ने उन्‍हें उनकी शक्‍ति याद दिलाई थी। कहने का मतलब ये है कि आपके जीवन में कुछ ऐसे व्यक्ति अवश्य होने चाहिए, जो आपको मोटिवेट करें, जब भी आप ख़ुद को निराश अनुभव तो वह आपको उन परिस्‍थतियों से बाहर निकाल सके।”
अपनी इस कामयाबी के लिए गरिमा (IAS Garima Agarwal) अपने माता-पिता का भी धन्यवाद करती हैं, जिन्होंने उनका हर फैसले में साथ दिया और उन पर विश्वास करते हुए एक बेटे की तरह उन्हें पढ़ाया।