यह बुजुर्ग ” tree Man ” के नाम से प्रसिद्ध है पूरे भारत देश में, एक दो नहीं बल्कि लगाए हैं पूरे एक करोड़ पेड़

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हमारे देश में एक ऐसे बुजुर्ग मौजूद है जिन्होंने अपने पूरे जिंदगी सिर्फ पर लगाने में ही बता दी वह तेलंगाना के समान जीरे के रहने वाले हैं। लोग दरिपल्ली रमैया कोठरी मैन के नाम से जानते हैं। इस अनोखे और अद्भुत कार्य के लिए इन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। 71 वर्षीय रमैया हमेशा पेड़ लगाने के लिए सब को प्रेरित करते रहते हैं। उनके संरक्षण के लिए सब को समझाते रहते हैं उन्होंने अभी तक कुल एक करोड़ पेड़ लगाए हैं

लोग उन्हें पागल कहा करते थे

शुरुआत में जब वह पेड़ लगाते थे तो लोग उन्हें पागल कहा करते थे। लेकिन जब लोगों के सामने पर्यावरण संबंधी खतरा और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या सामने आई तब लोगों को उनकी पेड़ों को लगाने की अहमियत समझ में आई। उन्‍हें एकेडमी ऑफ यूनिवर्सल ग्‍लोबल पीस ने डॉक्‍टरेट तक की उपाधि भी दी गई है।

जहां जगह दिखती, वहीं लगा देते पेड़

वह पेड़ लगाने के इतने बड़े शौकीन थे कि उन्हें जहां कहीं भी खाली जगह दिख जाती वह वहां एक पेड़ लगा देते। दरअसल पर लगाने की शुरुआत उन्होंने अचानक नहीं की। वह अक्सर पर्यावरण प्रदूषण की समस्या को लेकर परेशान रहा करते थे। तब उन्होंने पेड़ों को लगाने का एक अभियान शुरू किया।

शुरुआत में वह पॉकेट में बीज और साइकिल पर पौधे को रखकर पूरे जिले में घूमते थे और जहां कहीं भी खाली जगह दिखता वहां पर लगा देते थे। और इस तरह करके वो अपने गांव के 4-4 किलोमीटर तक चारों दिशाओं में पेड़ लगा दिए जिससे पूरी हरियाली छा गई। इन पेड़ों की संख्या 3 हज़ार तक हो चुकी है।

बच्‍चों की तरह पालते हैं पेड़

अक्सर लोग पेड़ तो लगा देते हैं लेकिन पेड़ों की देखभाल नहीं करते हैं और वह पेड़ कुछ दिनों के बाद यूं ही सूख जाया करते हैं लेकिन दरिपल्ली रमैया ऐसा नहीं करते हैं, वह अपने लगाए गए पेड़ों की देखभाल एक बच्चे की तरह करते हैं। अगर कोई पेड़ सूख जाए तो वह एक माता पिता की तरह परेशान होते हैं, जिस तरह माता-पिता अपने बच्चों के कष्ट को देखकर होते हैं।

उनके पास 600 से ज्‍यादा वृक्षों के बीजों का संग्रह है

दरिपल्ली रमैया पेड़ लगाने के साथ-साथ इनकी गहन जानकारी रखते हैं, जैसे उनकी प्रजातियों, उनके उपयोग, लाभ, कैसे पेड़ लगाएं, कैसे पेड़ स्वस्थ रहें इत्यादि। उनके गांव में पुस्तकों की दुकानों पर जब भी पेड़ों के विषय को लेकर कोई नई पुस्तक आती है तो वह उसे जरूर पढ़ते हैं और सारी जानकारियां लेते हैं। उन्होंने अपने पास पूरे राज्य में पाये जाने वाले 600 से ज्यादा वृक्षों के बीजों का एक अनूठा संग्रह भी रखा हैं।

पेड़ लगाने के लिए बेच दी तीन एकड़ जमीन

हर वक्त अपने सर पर एक टीन की टोपी पहनने वाले रमैया लोगो को पर्यावरण, हरियाली और वृक्षारोपण के प्रति जागरुक करने का काम करते हैं। वह पेड़ लगाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने तो पेड़ लगाने के लिए अपनी 3 एकड़ जमीन तक भेज दी, जिससे वे उन पैसों से बीज खरीद सके।

वाकई में पर्यावरण, हरियाली के प्रति उनके प्रेम को देखकर लोग उन्हें सलाम करते हैं।

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