अगर आपने अपने पूजा घर में राखी ये 6 चीजें, तो आपके जीवन में कभी नहीं होगी पैसों की समस्या

ज्ञान धार्मिक

हमारा देश पूरे विश्व में अपनी थाली मान्यता के कारण बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है तथा हिंदू धर्म में घर के पूजा के स्थान को सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है। तथा हमारे हिंदू धर्म में पूजा पाठ करने के कुछ खास नियम भी होते हैं आप सभी जरूर अवगत होंगे लेकिन क्या आपको पता है। कि पूजा में उपयोग होने वाली कुछ चीजें जो बेहद शुभ माना गया है कहा जाता है। कि इन्हें अपने पूजा घर में रखने से पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है और आपके जीवन में सिर्फ खुशियां ही खुशियां रहती हैं।

इसके अतिरिक्त आपकी सुख- समद्धि और तरक्की के मार्ग खुलते हैं। पूजा घर में इन चीजों को रखने से सुख- समृद्धि तथा धन की बढ़ोतरी होती है। साथ ही मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के मुताबिक, किन चीजों को पूजा घर में रखना चाहिए।

शंख:-
पूजा घर मे शंख रखना बहुत शुभ होता है। समुद्र मंथन के वक़्त देवी लक्ष्मी के साथ शंख भी निकला था। पूजा के पश्चात् शंखनाद करना उत्तम होता है। इससे घर में सुख- समृद्धि और धन में बकरत होती है।

शालीग्राम:-
शालीग्राम प्रभु श्री विष्णु का रूप हैं। उनकी आराधना करने से प्रभु श्री विष्णु खुश होते हैं। शालीग्राम भगवान की आराधना तुलसी के पत्तों क साथ की जाती है। इससे घर में सुख- समृद्धि बनी रहती है।

घंटी:-
घंटी की आवाज में पोस्टिव एनर्जी होती है। कहा जाता है कि जिन घरों में घंटी की नियमित आवाज गूंजती हैं। वहा पर सकारात्मकता बनी रहती हैं तथा नकारत्मकता शक्तियां दूर हो जाती है। पूजा- पाठ करते वक़्त घंटी बजाना अच्छा होता है।

मोरपंख:-
कई लोग अपने घर में मोर पंख रखते हैं। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, इसे शुभ माना गया है। प्रभु श्री कृष्ण के मुकुट में भी मोर पंख लगाया जाता है। मोर पंख धन में बढ़ोतरी लाता है। इसके अतिरिक्त इससे घर में सुख- शांति बनी रहती है।

गंगाजल:-
किसी भी देवी- देवता की आराधना हो या फिर कोई अनुष्ठान हों। उसमें गंगालजल की खास अहमियत होती है। गंगालजल को पीतल और चांदी के पात्र में भरकर रखने से मां लक्ष्मी खुश होती है। इससे घर में धन की बरकत रहती है।

कलश:-
पूजा के चलते घर में कलश रखा जाता है। इससे घर में सुख- समृद्धि बनी रहती है। कलश प्रभु श्री गणेश को ज्यादा प्रिय है। व्यस्त जीवन के कारण प्रतिदिन कलश बिठाना कठीण है। इसके लिए आप प्रातः स्नान कर तांबे के पात्र में जलकर भरकर उसमें आचमनी अवश्य डालें तथा शाम में फिर इस जल को बदलें। कलश के पानी को पेड़ों को प्रवाहित करें।

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