अगर आप भी अपने पाप धुलना चाहते है तो गंगा सप्तमी के दिन करें यह आरती

धार्मिक

हर साल गंगा सप्तमी का पर्व लोग धूम-धाम से मनाते है। अब इस साल यानी 2021 में यह पर्व 18 मई को मनाया जाने वाला है। आप सभी को बता दें कि गंगा सप्तमी तिथि 18 मई 2021 को दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर बुधवार, 19 मई 2021 को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगी। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं गंगा माँ की आरती। कहते हैं गंगा माँ का पूजन करने के बाद उनकी आरती करना चाहिए क्योंकि इससे वह बहुत खुश होती हैं और सारे पापों का नाश करती हैं।

श्री गंगा मां की आरती-

ॐ जय गंगे माता, श्री गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता।
ॐ जय गंगे माता।।।

चन्द्र-सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता।
शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता।
ॐ जय गंगे माता।।।

पुत्र सगर के तारे सब जग को ज्ञाता।
कृपा दृष्टि तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता।
ॐ जय गंगे माता।।।

एक ही बार भी जो नर कर, परम गति पाता।
ॐ जय गंगे माता।।।
आरती मात तुम्हारी जो जन नित्य गाता।
दास वही जो सहज में मुक्ति को पाता।
ॐ जय गंगे माता।
ॐ जय गंगे माता।तेरी शरणगति आता।
यम की त्रास मिटा

Leave a Reply

Your email address will not be published.