अगर आप भी पाना चाहते हो जीवन में अटूट शांति तो अपना ले गौतम बुध के यह विचार

ज्ञान धार्मिक

भारत देश में हर वर्ष बुद्ध पूर्णिमा का त्यौहार बहुत ही ज्यादा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे हिंदू धर्म में बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण पर्व में से एक माना जाता है यह मान्यता है कि भगवान बुध का जन्म इसी दिन हुआ था। मैं अगर हम हिंदू पंचांग के अनुसार चलें तो बुद्ध पूर्णिमा का पर्व हर साल वैशाख पूर्णिमा को मनाया जाता है इसी वजह से कुछ लोग इसे वैशाख पूर्णिमा भी कहते हैं अगर हम बात करें इस वर्ष की तो इस साल यह पर्व 26 मई 2021 बुधवार के दिन मनाया जाने वाला है। आइए हम आपको आज बताती हैं भगवान बुद्ध के 10 विचार। अगर आप अपने जीवन में शान्ति चाहते हैं तो इन विचारों को अपना लीजिये।

* जंगली जानवर की अपेक्षा कपटी और दुष्ट मित्र से डरना चाहिए। क्योंकि जंगली जानवर आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है।
* भगवान बुद्ध के अनुसार, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफादारी सबसे बड़ा संबंध है जबकि स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है।
* भगवान बुद्ध की माने तो घृणा, घृणा करने से कम नहीं होती बल्कि प्रेम करने से घटती है।
* अपने क्रोध के लिए कोई दंड नहीं पाता, जबकि क्रोध द्वारा दंड मिलता है।
* हजारों बेकार शब्दों से अच्छा है कि एक शब्द बोला जाए जिससे शांति आए।
* सभी गलत कार्य मन से ही आते हैं। अगर मन में परिवर्तन आ जाए तो गलत कार्य नहीं आ सकता।
* भूत पर ध्यान नहीं देना चाहिए, ना ही भविष्य का सपना देखना चाहिए। सिर्फ वर्तमान पर ध्यान देना चाहिए।
* जो व्यक्ति 50 लोगों से प्यार करता है, वह 50 दुखों से घिरा रहता है। जो किसी से प्यार नहीं करता उसे कोई समस्या नहीं है।
* क्रोध खुद को जलाती है न कि दूसरे को। जैसे किसी और पर फेंकने के इरादे से एक गर्म कोयला अपने हाथ में रखने की तरह है।
* शरीर को स्वस्थ्य रखना भी एक कर्तव्य है। अगर शरीर स्वस्थ्य नहीं रहेगा तो मन और सोच को अच्छा और साफ नहीं रह सकता।

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