घर में शिवलिंग की स्थापना करने से पहले इन सभी चीजों का रखें ध्यान वरना उठाने पड़ सकते हैं जीवन भर कष्ट

ज्ञान धार्मिक

पूरे भारतवर्ष में हजारों की संख्या में शिव भक्त मौजूद है। वही शिव पुराण में भी शिवलिंग की उपासना करना कि बहुत ज्यादा अहमियत बताई गई है तथा उपासना करने से आपके जीवन की सभी कठिनाइयां दूर होंगी और आपको अपना मनचाहा काली की सिद्धि मिलेगी पुराने ग्रंथों शास्त्रों में लिखा गया है। कि अगर आप रोजाना नित्य नियम से शिवलिंग की आराधना करेंगे तो ईश्वर आपकी मनचाहे वरदान की पूर्ति अवश्य करेंगे। किन्तु घर में शिवलिंग रखने के कुछ नियम हैं, जिनके बारे में अक्सर व्यक्तियों को पता नहीं होता है। यदि शिवलिंग से जुड़े इन नियमों का ख्याल न रखा जाए तो इसे घर में रखने से आपकी समस्यां बढ़ सकती है। जानिए क्या है वे नियम…

1. घर में कभी भी बड़े शिवलिंग की स्थापना नहीं करनी चाहिए। इसका आकार आपके हाथ के अंगूठे के ऊपर वाले पोर से अधिक बड़ा नहीं होना चाहिए।

2. अगर घर में शिवलिंग रखा है, तो उसकी प्राण प्रतिष्ठा

3. शिवपुराण में बताया गया है कि घर में कभी एक से अधिक शिवलिंग नहीं रखे जाने चाहिए। इसलिए यदि आपके घर में एक से अधिक शिवलिंग हैं तो इसे तुरंत हटा दें। किसी ज्योतिषी से सुझाव लेकर इसे किसी मंदिर में पहुंचा दें अथवा नदी में प्रवाहित कर दें।

4. शिवलिंग की साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। एक बर्तन में शुद्ध जल भर कर उसमें शिवलिंग रखें तथा इसका नियमित तौर पर अभिषेक करें।

5. अगर घर में धातु का शिवलिंग है तो ये केवल सोने, चांदी अथवा ताम्बे से बना होना चाहिए। इस पर एक नाग भी लिपटा होना चाहिए।

6. नर्मदा नदी के पत्थर से बना शिवलिंग बहुत शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त पारद शिवलिंग को घर में रखना भी उचित होता है।

7. जिस स्थान पर शिवलिंग रखा हो, उसके समीप शिव जी के परिवार की एक तस्वीर अवश्य लगवाएं। शिवलिंग को कभी भी अकेला न रखें।

8. शिवलिंग हो अथवा शिव की कोई अन्य फोटो, हमेशा याद रखें कि शिव जी पर केतकी के फूल, तुलसी, सिंदूर तथा हल्दी कभी नहीं चढ़ानी चाहिए।

9. घर में शिवलिंग को हमेशा पूजाघर में ही रखना चाहिए। किसी दंपति के बेडरूम में तो बिलकुल नहीं रखना चाहिए। साथ ही ये जगह खुला होना चाहिए। इससे उस जगह पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

10. कहा जाता है कि शिवलिंग से हर समय ऊर्जा का संचार होता है इसलिए शिवलिंग पर हमेशा जलधारा रखनी चाहिए। इससे ऊर्जा शांत होती है।

न करवाएं। किन्तु नियमित तौर पर उसकी आराधना तथा अभिषेक अवश्य करें।

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