सूर्य ग्रहण के दौरान भूलकर भी ना करेंगे गलती नहीं तो जीवन भर पड़ेगा पछताना

ज्ञान धार्मिक

इस वर्ष 2021 का सर्वप्रथम सूर्य ग्रहण लगने वाला है 10 जून की तारीख को। अगर हम हिंदू पंचांग के अनुसार देखें तो इस दिन जेष्ठ मास की अमावस्या तिथि भी है। इस दिन इस घटना के साथ साथ वट सावित्री रोहिणी व्रत कथा शनि जयंती के त्यौहार भी पढ़ रहे हैं। जिसके चलते धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के अवसर पर कोई भी व्यक्ति कोई भी शुभ कार्य नहीं करें यहां तक कि इस दिन मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं ताकि कोई बुरी विपदा न आन पड़े। 10 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण आशिंक सूर्य ग्रहण है तथा इसका प्रभाव भी भारत में आंशिक ही है। ज्योतिषाचार्यों का मत है कि इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा, अतः निषिद्ध कार्यों पर प्रतिबंध करने की आवश्यकता नहीं है।

परन्तु, धार्मिक एवं वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टिकोणों से माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के शरीर पर कई तरह के प्रभाव पड़ते हैं। अतः हमें इस काल में कुछ तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए। यहां हम धार्मिक मान्यता के आधार पर जानेंगे कि सूर्य ग्रहण के दौरान हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें

1- सूर्य ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य करना वर्जित है।

2- इस समयावधि में भोजन बनाना या खाना भी नहीं चाहिए।

3- गर्भवती महिलाओं को ऐसे समय में बाहर नहीं आना चाहिए।

4- सूर्य ग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए, इससे व्यक्ति रोगी हो जाता है।

5- ग्रहण काल में फूल, पत्ती नहीं तोड़ना चाहिए।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें

1- ग्रहण के काल में विशेष रूप से अपने ईष्ट देवता का ध्यान और उनके मंत्र का जप करना सर्वश्रेष्ठ है।

2- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना आवश्यक है।

3- ग्रहण के पहले बने भोजन व रखे पानी को हटा कर नया भोजन बना कर ही खाना चाहिए।

4- ग्रहण के बाद अन्न का दान करना पुण्य प्रदान करता है।

5- ग्रहण समाप्ति के बाद गाय को घास, पक्षियों को दाना तथा गरीबों को वस्त्र का दान करना शुभ फलदायक होता है।

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