आरोही बनी पहली महिला पायलट जिसने अकेले अटलांटिक महासागर पार किया

समाज

भारत देश में महिलाएँ हर क्षेत्र में अपना जज़्बा दिखा रही है। एक समय था जब लड़कियों को लड़को की बजाय कमजोर समझा जाता था। उन्हें किसी भी क्षेत्र में आगे नहीं समझा जाता था। घर की चार दीवारियो में क़ैद रहना ही उनकी क़िस्मत में था। बहुत कम लड़कियों को स्कुल में पढने के लिए भी नहीं भेजा जाता था और अगर कोई लड़की पढ़ लिख गयी तो उसको ज़िन्दगी भर ताने देकर परेशान किया जाता था।

लेकिन आज हालात काफ़ी बदल गये है। आज लडकियाँ लडको से किसी भी मामले में पीछे नहीं है या यूँ भी कह सकते है कि लडकियाँ कुछ एक चीजो में लड़को से कहीं ज़्यादा आगे है। ऐसा ही कुछ आरोही पंडित ने भारतीय इतिहास रचा है।

आरोही ने अकेले ही अटलांटिक महासागर के उपर उड़ान भरी है। इससे पहले किसी भी महिला ने ये काम नहीं किया था। आरोही पंडित की उम्र 23 साल है और इतनी कम उम्र में आरोही ने भारत में पहली अटलांटिक महासागर में अपनी उड़ान भरी है। आरोही ऐसा करने वाली दुनिया कि पहली महिला पायलट बन गयी।

आरोही ने अटलांटिक महासागर से उड़ान भरके कनाडा के नुनावट में इकालिट एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक अपनी फ्लाईट लैंड की है। इन दिनों आरोही की फोटो सोशल मिडिया पर काफ़ी वायरल हो रही है। इस तस्वीर में आरोही ने तिरंगा झंडा हाथ में लिया हुआ।

आरोही को अपने इस सफ़र को तय करने के लिए काफ़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनका सफ़र आसान नहीं था। इससे पहले 7 महीने की उन्हें कड़ी ट्रेनिंग देनी पड़ी थी। जिसके लिए उन्हें काफ़ी मेहनत करनी पड़ी थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरोही ने जिस विमान के जरिये ये कीर्तिमान बना है उसका नाम माही है। ये एक छोटा सिंगल इंजन साइंस 912 वाला एयरक्राफ्ट है जिसका वज़न एक बुलेट के बराबर होता है। आरोही एक कमर्शियल पायलट होने के साथ हो उसके पास LSA का लाइसेंस भी है।

3000 km लंबी भरी उड़ान 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मंगलवार को मुंबई की पायलट आरोही पंडित ने ये उपलब्धि सोमवार मंगलवार की आधी रात को 3000 km लंबी उड़ान के बाद कनाडा के इकालिट हवाई अड्डे पर उतरने के साथ ही हासिल की है। हालांकि इससे पहले आरोही ने खराब मौसम होने के कारण थोड़ी देर के लिए स्कॉटलैंड और फिर ग्रीनलैंड व् आइसलैंड में विमान को उतारा था। कनाडा में भारतीय राजदूत विकास स्वरूप ने आरोही को भारतीय तिरंगा ध्वज भेंट किया है।

आरोही ने उपलब्धि हासिल करने के बाद कहा-वे बहुत सम्मानित महसूस करती है और साथ ही आभारी है कि वह अपने देश व् हर एक महिला के लिए ऐसा कर पाई है। उन्होंने कहा है अटलांटिक महासागर के उपर उड़ान भरना उनके लिए एक शानदार अनुभव है। उन्होंने बताया वहाँ पर उपर नीला आसमान और नीचे नीले रंग का समुद्र व् सफेद बर्फ है जोकि चमक रही है। उन्होंने कहा है वे एक बार फिर से वहाँ दोबारा ज़रूर जाना चाहेगी।

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